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दुर्घटना में घायल ऑटो चालक की मौत, साथियों ने की मारपीट-तोड़फोड़

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 08:14 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल ऑटो चालक की अस्पताल में मौत होने के बाद साथियों ने पुलिस की मौजूदगी में सोमवार की रात जमकर हंगामा काटा। मौके पर मौजूद इमरजेंसी स्टॉफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और तोड़फोड़ की। इस घटना में एक वार्ड ब्यॉय और नर्सिंग स्टॉफ घायल हो गया। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी में रिकार्ड हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही, आरोपी घंटों तक उपद्रव मचाते रहे। दूसरे दिन मंगलवार को अस्पताल के डाक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ ने ओपीडी बंद कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे सीओ प्रथम महिपाल सिंह ने हंगामा शांत कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब करीब एक घंटे के बाद ओपीडी शुरू हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली के मंडोली नंदनगरी निवासी अमन(25) पसौंडा में किराए पर रहकर ऑटो चलाता था। सोमवार की रात वह मोहनगर चौराहे पर गंभीर रूप् से घायल हो गया। अमन के कुछ साथी घायल अवस्था में लेकर एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। अमन की गंभीर हालत को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉ. डीके वर्मा ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया और एंबुलेंस को सूचित कर दिया। एंबुलेंस आने से पहले ही अमन की मौत हो गई। दोस्त की मौत होने से उसके साथ आए अन्य ऑटो चालक आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे। इस दौरान इमरजेंसी में मौजूद स्टॉफ इधर-उधर भागने लगे। इमरजेंसी में कार्यरत वार्ड बॉय देवव्रत और नर्सिंग इंचार्ज संतोष के साथ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो इमरजेंसी के बाहर खड़े बहुत से लोग अंदर घुस आए और स्टाफ के साथ मारपीट करने लगे। ऑटो चालकों का यह हंगामा करीब आधे घंटे तक चलता रहा। इस दौरान इमरजेंसी का मुख्य गेट व डाक्टरों का विश्राम कक्ष का गेट भी तोड़ दिया। पहले से मौके पर मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही। सूचना मिलने पर कोतवाली से और पुलिस फोर्स पहुंची तब किसी तरह से मामला शांत हुआ। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। अस्पताल स्टाफ का आरोप है कि रात में इमरजेंसी के बाहर दो लैपर्ड और तीन पुलिस की जीप में पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी हंगामा कर रही भीड़ को रोकने का प्रयास नहीं किया। बल्कि ड्यूटी डॉक्टर को ही बुरा भला कहा।
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सुबह घटना की जानकारी होने पर की ओपीडी बंद मंगलवार सुबह जब डॉक्टर व अन्य स्टॉफ अस्पताल पहुंचा तो मामले की जानकारी हुई तो काम बंद कर दिया। सभी ने मिलकर सीएमएस से विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने कहा कि अस्पताल में अब हर समय दो पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसके बाद स्टॉफ ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपियों के खिलाफ जान लेवा हमले और मेडिकल सुरक्षा के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
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15 साल पहले बनी पुलिस चौकी बन गई फीवर डेस्क अस्पताल में पुलिस व्यवस्था बनाने के लिए 15 साल पहले पुलिस चौकी बनी थी। कई बार पूर्व सीएमएस भी एसएसपी को पत्र लिख चुके हैं, इसके बावजूद आज तक पुलिस की तैनाती पुलिस चौकी में नहीं हुई। खाली पड़ी चौकी को फीवर डेस्क बना दिया है।
----------------- आशुतोष यादव
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