फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   हाउस टैक्स बकाएदारों पर कसेगा शिकंजा, एक अप्रैल से होगी कार्रवाई

हाउस टैक्स बकाएदारों पर कसेगा शिकंजा, एक अप्रैल से होगी कार्रवाई

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 30 Mar 2021 06:34 PM IST
विज्ञापन
हाउस टैक्स बकाएदारों पर कसेगा शिकंजा, एक अप्रैल से होगी कार्रवाई
नगर निगम - फोटो : Amar Ujala
सबहेड: शहर में 500 बड़े बकाएदारों पर आठ करोड़ से अधिक है बकाया
विज्ञापन
- 50 हजार से अधिक पांच हजार बकाएदार निगम के निशाने पर - एक अप्रैल से निगम बकाएदारों के खिलाफ चलाएगा अभियान माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। नगर निगम ने हाउस टैक्स जमा नहीं करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। हाउस टैक्स जमा करने की बुधवार को अंतिम तिथि है। ऐसे में आखिरी तिथि के बाद भी हाउस टैक्स जमा नहीं करने वालों के खिलाफ निगम की एक अप्रैल से कार्रवाई शुरू होगी। निगम की ओर से 50 हजार से अधिक वाले करीब पांच हजार बकाएदारों की सूची तैयार की गई है। इसके अलावा महानगर में 500 बड़े बकाएदारों की भी निगम ने पहचान की है। बड़े बकाएदारों पर आठ करोड़ से अधिक बकाया है। ऐसे में निगम टैक्स विभाग अप्रैल से बकाया वसूली की कार्रवाई तेज करेगा। निगम के निशाने पर सबसे पहले ऐसे बकाएदार होंगे, जिन्होंने कई सालों से हाउस टैक्स जमा नहीं कराया है। निगम टैक्स विभाग ने छोटे-बड़े बकाएदारों की जोनवार सूची तैयार की है। ऐसे में एक अप्रैल से जोनवार कार्रवाई शुरू होगा। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि बकाएदारों को लगातार डिमांड नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया है। जोनवार तैयार बकाएदारों की सूची के आधार पर अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की जाएगी। बड़े बकाएदारों के साथ 50 हजार तक के बकाएदारों की सूची तैयार कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
------ सरकारी विभाग भी दबाए बैठे हैं करोड़ों संपत्ति कर और सर्विस चार्ज के रूप में सरकारी विभाग भी नगर निगम का करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हैं। कई सरकारी विभाग ऐसे हैं जिन्होंने कई साल से संपत्ति कर जमा नहीं कराया है। नगर निगम इनकी भी सूूची तैयार करा रहा है। इन्हें अब दोबारा डिमांड नोटिस भेजे जाएंगे। जीडीए, रेलवे, मेट्रो, डाक विभाग, पुलिस, गन्ना विभाग, शिक्षा विभाग समेत कई केंद्रीय विभाग से नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपया टैक्स के रूप में मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
------ं
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed