{"_id":"5fcf8db58ebc3ecfad260384","slug":"ghaziabad1607437749","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेद अस्पताल को लेकर फिर दो अधिकारी आमने-सामने","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
आयुर्वेद अस्पताल को लेकर फिर दो अधिकारी आमने-सामने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो लगा सकते हैं.......
विज्ञापन
आयुर्वेद अस्पताल को लेकर फिर दो अधिकारी आमने-सामने
- अस्पताल का सामान बाहर कर रैन बसेरा किया खाली
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दो साल के बाद एक बार फिर आयुर्वेदिक अस्पताल के संचालन को लेकर आयुर्वेद और एलोपैथ विभाग के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। संयुक्त अस्पताल में संचालित आयुर्वेदिक अस्पताल का सामान बाहर रखकर रैन बसेरा खाली कर दिया गया है। आयुर्वेद विभाग के फार्मासिस्ट की ओर से क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को शिकायती पत्र दिया गया है। वहीं संयुक्त अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि अस्पताल खाली करने के लिए दो बार सूचना दी गई थी, रैन बसेरा खाली करने के आदेश थे।
करीब बीस साल से संजय नगर में प्राइवेट भवन में आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हो रहा था। दो साल पहले शासन के निर्देश पर संयुक्त अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। शिफ्टिंग के समय भी अस्पताल में काफी जद्दोजहद के बाद जगह मिली थी। अस्पताल परिसर में बने रैन बसेरे में अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं की गई थीं। दवाइयों से लेकर बेड, रिकॉर्ड व अन्य समान भी रैन बसेरे में शिफ्ट किया गया था। ओपीडी के लिए अस्पताल के प्रथम तल पर एक कमरा मुहैया करवाया गया था। आयुर्वेद अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज दवा लेने पहुंचते थे। कोरोना संक्रमण के चलते मार्च में संयुक्त अस्पताल को कोविड एल-2 बना दिया गया और आयुर्वेद अस्पताल को बंद कर दिया गया। अब सर्दियां आने पर रैन बसेरे में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पताल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। विभाग में तैनात फार्मासिस्ट छेदी लाल कुछ दवाएं लेने अस्पताल में गए तो वहां पता चला कि गेट पर दूसरा ताला लगा मिला और अस्पताल में रखे गए बेड, अलमारी व अन्य सामान बाहर कर दिए गए थे। अंदर रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है।
-----------
आयुर्वेदिक अस्पताल भी सरकारी है। बिना सूचना दिए ही सामान बाहर रख कर अस्पताल का बोर्ड भी हटा दिया गया। इससे दवाइयां भी खराब हो गईं। मामले के बारे में उच्चाधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी को भी सूचना दी जा रही है।
विज्ञापन
डा. अशोक कुमार राना, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी
----------------
आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों को दो बार पत्र भेजकर जानकारी देने के साथ ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई थी। रैन बसेरा खाली करने के लिए शासन से निर्देश आए हैं। अस्पताल की आलमारी सहित अन्य सामान अंदर ही रखे गए हैं।
डा. संजय तेवतिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संयुक्त अस्पताल
-------------
आशुतोष यादव
विज्ञापन
विज्ञापन