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40 लाख लोगों की जांच फिर भी निकल रहे संक्रमित
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40 लाख लोगों की जांच फिर भी निकल रहे संक्रमित
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- 1.28 लाख घरों का किया गया सर्वे
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 40 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद लगातार कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं। दावा किया गया है कि 128375 घरों का सर्वे भी किया गया है। इसके बावजूद लगातार प्रतिदिन डेढ़ सौ से दो सौ मरीजों के संक्रमित होने पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है कि चेन टूट क्यों नहीं रही है। हालांकि विभाग का दावा है कि इस जांच में 325 मरीजों में संक्रमण की पहचान हुई थी, जिनका इलाज होने के बाद स्वस्थ हो गए हैं।
प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम डोर-टू-डोर सर्वे कर रही है। जानकारों का कहना है कि टीम के सदस्य लोगों के घरों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर बैठकर कई घरों के सदस्यों की जानकारी एकत्र करते हुए कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं।
2067 लोगों में सारी व आईएलआई के लक्षण
अलग-अलग विभाग द्वारा किए गए सर्वे एवं जांच के दौरान 2067 लोगों में सीवियर एक्यूट रेसपिरेटरी इलनेस (सारी) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के मरीजों की पुष्टि हुई। इनमें 310 मरीजों में कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई थी। इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ हैं।
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प्रशासन का दावा है कि ग्रामीण इलाकों में 120617 घरों का सर्वे किया गया था, इसमें 85 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई। इन मरीजों में आईएलआई और सारी के लक्षण भी थे। बीएलओ द्वारा 698614 घरों में सर्वे करने के साथ ही 3051356 लोगों की जांच की गई। इनमें 110 कोरोना की चपेट में थे, जबकि 1852 मरीजों में सारी और आईएलआई की चपेट में थे। औद्योगिक क्षेत्र में 4660 इकाइयों का के सर्वे में 232163 मजूदरों की जांच की गई थी, इनमें से 115 श्रमिक कोरोना संक्रमित पाए गए थे। सभी संक्रमितों में सारी और आईएलआई के लक्षण मिले थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनके संपर्क में आने वाले 25 लोगों की जांच की जा रही है। इसके बावजूद प्रतिदिन लाखों लोगों का दिल्ली आवागमन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से भी लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अधिकारी का तर्क था कि जो लोग सावधानी बरत रहे हैं, वह अभी भी संक्रमण मुक्त हैं। अधिकारी का कहना है कि सर्वे और जांच के बाद चेन टूटने में मदद मिली है। जल्द ही इस पर संक्रमण पाया जा सकेगा। अधिकारी का कहना है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
फिजीशियन डा. अरविंद डोगरा का कहना है कि अभी सर्दी बढ़ने के साथ ही संक्रमण बढ़ने की संभावना है। इसलिए आने वाले मार्च महीने तक लोगों से उचित दूरी, मास्क लगाना, सैनिटाइजेशन या हाथ धोने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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आशुतोष यादव
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