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बच्चो और युवाओं को भी सीओपीडी की चपेट में ले रही शहर की जहरीली हवा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 07:09 PM IST
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विश्व सीओपीडी दिवस आज
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. बच्चो और युवाओं को भी सीओपीडी की चपेट में ले रही शहर की जहरीली हवा - कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों को होती है अधिक परेशानी  - नवंबर माह के तीसरे बुधवार को मनाया जाता है विश्व सीओपीडी दिवस माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दिन-प्रतिदिन जहरीली होती जा रही शहर की आबोहवा हर उम्र के लोगों में सांस लेने की क्षमता में कमी कर रही है। तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोग सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) की चपेट में आ रहे हैं। यह बीमारी धीरे-धीरे श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है। फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने से सांस लेने में परेशानी होने लगती है जिससे बाद में सांस फूलने लगती है। इस समय कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले अधिकांश मरीजों में सीओपीडी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि इस बार अन्य वर्षों की अपेक्षा चालीस फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। सीओपीडी के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव के बारे में जानकारी देने के लिए हर साल नवंबर माह के तीसरे बुधवार को विश्व सीओपीडी दिवस मनाया जाता है। इस बार सीओपीडी दिवस 18 नवंबर को मनाया जा रहा है।  वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन एवं आईएमए अध्यक्ष डा. आशीष अग्रवाल का कहना है कि क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) को इस बात से पहचाना जाता है कि आपकी सांस किन-किन परिस्थितियों में फूलती है। इसलिए सामान्य सी शारीरिक क्रिया पर भी यदि सांस फूलने लगे तो डाक्टर से संपर्क करें। इसके साथ ही वायु प्रदूषण से बचाव करें और यदि धूम्रपान करते हैं तो तत्काल बंद कर दें। इससे रोग धीरे-धीरे बढ़ता है और आमतौर पर सीओपीडी के लक्षण 35 वर्ष की आयु होने के बाद दिखते हैं। सीओपीडी का स्थाई इलाज नहीं है, इसलिए इससे सतर्क रहने और सीओपीडी होने के कारण जैसे प्रदूषण और धूम्रपान से बचाव की जरूरत है।
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 सीओपीडी के लक्षण ः - सांस लेने में कठिनाई।खांसी-बलगम होना। सांस की घरघराहट। - सीने में जकड़न, थकावट, वजन घटना। - अवसाद और चिंता। सीओपीडी के कारण किसी भी तरह के धुंए के संपर्क में आना, वायु प्रदूषण और जैव ईंधन के धुएं के संपर्क में रहना। - रसायनों के संपर्क और आनुवंशिक होने के कारण। धूम्रपान करना।  सीओपीडी से बचाव के लिए क्या करें - वायु प्रदूषण होने पर चेहरे पर मास्क अवश्य लगाएं। - हवा की गुणवत्ता खराब होने पर बाहर निकलने से बचें। - खानपान का ध्यान रखें, अच्छा पोषण संक्रमण से बचाता है। - धूम्रपान से बचें और धूम्रपान करने वालों के पास न रहें। - आतिशबाजी से बचें और उससे निकलने वाले धुएं से दूर रहें। --------- सीओपीडी के बड़े कारण स्मोकिंग और वायु प्रदूषण माने जाते हैं। एनसीआर, खासकर गाजियाबाद में वायु प्रदूषण की स्थिति अत्यंत खतरनाक है। स्मोकिंग न करने वाले लोग भी सीओपीडी की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषण से हवा में लगातार जहरीले तत्व बढ़ रहे हैं और सांस के जरिए हमारे फेफड़ों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर सीओपीडी से बचाव करना है तो घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा जरूर लगाएं। धूम्रपान करने और करने वाले से दूरी बनाएं। 
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डा. एनके गुप्ता, सीएमओ -------------------  आशुतोष यादव 
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