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कोरोना में फेफड़ों की संक्रमण की जानकारी के लिए सीटी स्कैन जरूरी
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कोरोना में फेफड़ों की संक्रमण की जानकारी के लिए सीटी स्कैन जरूरी
- कोविड से मरने वालों में करीब 37 फीसदी लोग मधुमेह के शिकार थे
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने में सीटी स्कैन जांच जरूरी होता है। सीटी स्कैन जांच के बाद पता चलता है कि संक्रमण फेफड़ों फेफड़ों तक पहुंचा है या नहीं। संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचने से मामला गंभीर होने लगता है। कई बार छह से सात दिनों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचता है और 14 दिन तक यह अपना पूरा असर दिखाता है। उस स्थिति में रेमिडीशिविर इंजेक्शन जरूरी हो जाता है। यह फेफड़ों में संक्रमण की शुरुआत में ही दे दिया जाए तो ज्यादा असरकारक होता है। यह जानकारी आईएमए अध्यक्ष और पल्मोनोलॉजिस्ट डा. आशीष अग्रवाल ने दी।
बृहस्पतिवार को आईएमए भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में डा. आशीष अग्रवाल ने कहा कि मधुमेह के मरीजों को अतिरिक्त एहतियात की जरूरत है, इसके अलावा ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं कि कोविड-19 होने के बाद अचानक मधुमेह का स्तर बढ़ जाता है, इसलिए इसकी भी जांच जरूरी है। फिजीशियन डा. प्रहलाद चावला ने बताया कि कोविड से मरने वालों में करीब 37 फीसदी लोग मधुमेह के शिकार थे।
बढ़ने लगे हैं आईएलआई और सारी के मरीज
पूर्व अध्यक्ष डा. वीबी जिंदल ने बताया कि सर्दी का मौसम शुरू होते ही आईएलआई और सारी के मरीज बढने लगते हैं। इसका एक कारण प्रदूषण भी है। इस बार भी आईएलआई और सारी के मरीज बढ रहे हैं लेकिन कोरोना के चलते इस बार अतिरिक्त गंभीरता की जरूरत है। डाक्टर की राय लिए बिना दवा लेने से बचें। आईएमए मीडिया प्रभारी डा. नवनीत वर्मा ने कहा कि कोविड नाक, कान और गले को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। उपचार से बचाव हमेशा बेहतर होता है, इसलिए घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें और समय-समय पर अपने हाथ साबुन-पानी से धोते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के केवल तीन ही साधन हैं। मास्क का इस्तेमाल करना। शारीरिक दूरी बनाकर रखना और सैनिटाइजेशन करते रहना।
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आईएमए की सचिव डा.वीना वाणीपुरी ने कहा कि कोरोना वायरस सभी अंगों को प्रभावित कर रहा है, इसमें कोई दो राय नहीं है। भूलने की शिकायत ज्यादा देखने में आ रही है, उसका एक बड़ा कारण यह भी है कि हम लोगों ने अपने दिमाग का इस्तेमाल बहुत सीमित कर दिया है। हमें छोटी सी कैलकुलेशन करनी हो तो मोबाइल निकाल लेते हैं। मानसिक कसरत करते रहना जरूरी है।
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आशुतोष यादव
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