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कम उम्र में ही लड़कियों में हो रहा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 06:54 PM IST
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कम उम्र में ही लड़कियों में हो रहा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
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- अनिमति दिनचर्या और तनाव बन रहा बीमारी का कारण माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। तनाव एवं दौड़ भाग जिंदगी में महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की बीमारी भी बढ़ने लगी है। पहले यह बीमारी 30 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में देखने को मिलती थी, लेकिन आज यह समस्या छोटी उम्र की लड़कियों में भी सामने आ रही है। महिलाओं को इस बीमारी के प्रति जागरू करने के लिए सितंबर महीने को जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। पीसोओएस की समस्या पिछले 10 से 15 सालों में दोगुनी हो गई है। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. दीपा त्यागी का कहना है कि पीसीओएस महिला में होने वाली एक ऐसी समस्या है, जिसमें ओवरी में सिस्ट यानी गांठ आ जाती है। हार्मोंस में गड़बड़ी इस बीमारी का मुख्य कारण हैं। कई बार यह बीमारी अनुवांशिक भी हो सकती है इसके अलावा खराब जीवन शैली, व्यायाम की कमी, खान-पान की गलत आदतें भी इसका बहुत बड़ा कारण है।
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लड़कियों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या: आजकल अनियमित पीरियड्स की समस्या किशोरियों में बेहद आम हो गई है। यही समस्या आगे चलकर पीसीओएस का रूप ले सकती है। पीसीओएस अंतः स्रावी ग्रंथि से जुड़ी ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला के शरीर में एस्ट्रोजन या पुरुष हार्मोंस अधिक बनने लगते हैं।
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 ऐसे में बॉडी का हार्मोनल संतुलन गड़बड़ हो जाता है, जिसका असर अंडे के विकास पर पड़ता है। इससे  ओवुलेशन और मासिक चक्र रुक सकता है। इस तरह से सेक्स हार्मोन  में असंतुलन पैदा होने से हार्मोन में जरा सा भी बदलाव पीरियड्स पर तुरंत असर डालता है। इस अवस्था के कारण ओवरी में सिस्ट बन जाती है। इस समस्या के लगातार बने रहने से ओवरी के साथ फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है!
अस्पताल की पूर्व सीएमएस डा. श्रद्धा यादव का कहना है कि यह स्थिति सचमुच में खतरनाक होती है। ये सिस्ट छोटी-छोटी थैलीनुमा रचनाएं होती हैं, जिनमें तरल पदार्थ भरा होता है। ओवरी में ये सिस्ट इकट्ठा होते रहते हैं और इनका आकार भी धीरे-धीरे बढ़ता चला जाता है। यह स्थिति पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम है और यही समस्या ऐसी बन जाती है, जिसकी वजह से महिला को गर्भधारण में समस्या होती हैं। पीसीओएस के लक्षण चेहरे पर बाल उगना, यौन इच्छा में अचानक कमी, वजन बढ़ना, पीरियड्स का अनियमित होना, गर्भ धारण करने में परेशानी, अचानक भूरे रंग के धब्बों का उभरना या बहुत ज्यादा मुंहासे भी हो सकते हैं।
 क्या हैं पीसीओएस के कारण: पीसीओएस के प्रमुख कारणों में अनियमित दैनिक जीवन शैली, तनाव और चिंता, खान-पान पर ध्यान न देना, देर तक जागना, जंक फूड, शारीरिक मेहनत की कमी, मोटापा, आलसी जीवन, मोटापा आदि प्रमुख हैं। कैसे करें बचाव - जंक फूड ,अत्याधिक तैलीय , मीठा व फैट युक्त भोजन खाने से बचें। - भोजन में हरी सब्जियोंऔर फलों को शामिल करें। - हार्मोनल असंतुलन को दूर करके पीसीओएस की समस्या को ठीक किया जा सकता है, इसके लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की जरूरत है। -------------- आशुतोष यादव
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