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यूरिया घोटाला: इफको और कृभको की दुकानों पर भी होगी कार्रवाई
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बुलंदशहर। जनपद में हुए यूरिया घोटाले के मामले में नौ सहकारी समितियों के सचिव और दो उर्वरक की दुकानों पर कार्रवाई हो चुकी है। जबकि अभी ईफको और कृभको की दुकानों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि कार्रवाई के लिए ईफको और कृभकों को पत्र भेजा जा चुका है।
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केंद्र सरकार से 20 किसानों को जनपद में 8709 यूरिया के कट्टे बेचने संबंधित पत्र जारी किया गया था। जब इस पर जनपद में जांच की गई तो इसमें नौ समितियों के अलावा दो प्राइवेट उर्वरक की दुकानों के अलावा कृभको और ईफको द्वारा संचालित दुकानों की मिलीभगत सामने आई थी। पूरे मामले की जांच के बाद यूरिया घोटाला का पूरा मामला खुलने के बाद डीएम ने संबंधित सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे। कृषि विभाग की ओर से दो उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई की जा चुकी है। इसी तरह एआर को-आपरेटिव ने यूरिया घोटाले में शामिल नौ सहकारी समितियों के सचिवों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सचिवों की आगामी जांच के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। आगामी आदेश तक सभी समितियों पर यूरिया आदि की बिक्री पर रोक लगा दी है। एक साथ नौ सचिवों के निलंबित होने पर विभाग में इसकी चर्चा जोरों पर है। वहीं, इस मामले में ईफको किसान सेवा केंद्र जहांगीराबाद और कृषक भारती सेवा केंद्र जहांगीराबाद पर अभी अभी कार्रवाई नहीं हुई है। यह दोनों दुकानें ईफको और कृभको कंपनी की ओर से संचालित की जा रही हैं। इन दोनों दुकानों के अभी डीएम के आदेश पर लाइसेंस ही निरस्त करते हुए उर्वरक आदि की बिक्री पर रोक लगा रखी है। वहीं, दूसरी ओर जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह का कहना है कि ईफको और कृभको की दुकानों पर कार्रवाई के लिए संबंधित कंपनियों के अधिकारियों को पत्र लिख कर भेजे जा चुके हैं। अभी तक कार्रवाई संबंधित कोई जानकारी इन कंपनियों से नहीं मिली है। जल्द ही एक बार फिर कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी हासिल की जाएगी।
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