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अवैध खनन पर रोक के लिए सिस्टम को ढूंढना होगा 'विभीषण'

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:51 AM IST
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बुलंदशहर। जनपद के विभिन्न इलाकों में अवैध खनन का काला कारोबार सिस्टम के ही किसी विभीषण की शह पर फल फूल रहा है। जनपद में यदि अवैध खनन को रोकना है तो पुलिस व प्रशासन को उस विभीषण की तलाश कर सख्त से सख्त कार्रवाई को अमल में लाना होगा। जिससे कि अवैध खनन पर रोक लग सके। गंगा हो या गंग नहर जनपद के कई इलाकों में माफिया ने पैर पसारे हुए हैं। बीते दिनों खनन अधिकारी पर हुआ हमला इसकी बानगी है कि माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं।
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गौरतलब है कि वर्तमान में गंगा में जल स्तर बढ़ा हुआ है। इसके चलते गंगा की रेती में फिलहाल खनन माफिया का पंजा नहीं चल पा रहा है। इसके लिए खनन माफिया ने अवैध खनन का एक नया तरीका निकाला है। सूत्रों की मानें तो अनूपहशर क्षेत्र में खनन माफिया दलदली भूमि से भारी मात्रा में बालू खोदकर ले जा रहे हैं। बालू के अवैध खनन में लगभग 200 से ज्यादा लोकल लोग बुग्गियों में बालू भरकर दूर खड़े ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियों में भर देते हैं, उसके बाद डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉली के द्वारा इस बालू को बाहरी इलाके में महंगे दामों में बेचा जाता है। जिससे जिला प्रशासन के राजस्व को एक बड़ी हानि हो रही है। खनन माफिया हाईकोर्ट के आदेशों की लगातार धज्जियां उड़ा रहे हैं। जानकारी के अनुसार दलदली भूमि में किसान मजदूर फावड़ों से बालू खोद खोद कर बाहर फेंक देते हैं और फिर इस बालू को बुग्गी में भरकर ट्रक और डंपर तक पहुंचाया जाता है। वहीं, एसडीएम अनूपशहर पदमसिंह ने बताया कि बालू का खनन ग्राम समाज व वन विभाग की जमीन पर नहीं किया जा रहा है। किसान के खेत से खनन किया जा रहा है। इस संबंध में संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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