फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   अब इंदिरापुरम में नहीं फैलेगा कूड़े से संक्रमण

अब इंदिरापुरम में नहीं फैलेगा कूड़े से संक्रमण

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 07:03 PM IST
विज्ञापन
अब इंदिरापुरम में नहीं फैलेगा कूड़े से संक्रमण
विज्ञापन
- नगर निगम ने तैयार की कूड़े को जैविक तरीके से खत्म करने की योजना - नए नगर आयुक्त आने के बाद से हरकत में आए अधिकारी - शक्तिखंड के 35 हजार वर्ग मीटर खाली प्लॉट पर है कूड़े का पहाड़ - अब जैविक प्रक्रिया से कूड़ा खत्म करने को नगर निगम ने चयनित कर ली है कंपनीमाई सिटी रिपोर्टर साहिबाबाद। इंदिरापुरम से जल्द ही कूड़े का ढेर हटने वाला है। आस-पास के लोगों को इससे फैलने वाले बदबू और संक्रमण से जल्द ही निजात मिलेगी। नव नियुक्त नगर आयुक्त के दिशा निर्देश पर अधिकारियों ने अब यहां जैविक प्रक्रिया से कूड़ा खत्म करने की योजना बनाई है। एनजीटी के आदेश पर शक्तिखंड के डंपिंग ग्राउंड के कूड़े की गंदगी को जल्द खत्म करने की प्रक्रिया को नगर निगम ने तेज कर दिया है।
बता दें कि लंबे समय से इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 स्थित करीब 35 हजार वर्ग मीटर में फैले प्लॉट पर लंबे समय से कूड़ा डंप किया जा रहा है। लंबेे समय से यहां कूड़ा डंप होने से आस-पास की सोसायटियों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। इसी को लेकर कंफेडरेशन ऑफ ट्रांस िंडन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्व में एनजीटी में याचिका डाली गई थी। एनजीटी ने गत वर्ष ही नगर निगम को यहां से कूड़ा हटाने को निर्देशित किया था, जिसके बाद से भी कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया धीमी चल रही थी। जब फेडरेशन पदाधिकारियों ने दुबारा इसकी शिकायत करने की बात कही तो निगम अधिकारी सचेत हुए हैं और अब यहां जैविक प्रक्रिया से कूड़ा खत्म करने की योजना बनाई गई है। अब यहां से कूड़ा हटाने में नगर निगम और जीडीए दोनो काम करेगा। दरअसल यहां जो भी कूड़ा एकत्रित है वह जीडीए कालोनियों से निकला हुआ है, ऐसे में कूड़ा निस्तारण का खर्च जीडीए द्वारा वहन किया जाएगा। नगर निगम के चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन ने बताया कि जल्द ही शक्तिखंड से कूड़ा हटा दिया जाएगा। दरअसल इस मामले में जीडीए से वार्ता चल रही है। नगर निगम जिस निजी कंपनी को हायर करेगी उसका भुगतान जीडीए द्वारा किया जाना है। ऐसे में जीडीए से वार्ता चल रही है, जो जल्द ही सफल होगी और हम इस समस्या का समाधान निकाल लेंगे।
विज्ञापन
---------------------
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed