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लॉकडाउन में जरूरतमंदों का पेट भर रहीं अन्नपूर्णा रसोई

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2020 04:59 PM IST
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Annapurna kitchen filling the needy in lockdown
जरूरतमंदों को राशन सामग्री का वितरण करते मयंक गोयल - फोटो : AMAR UJALA
माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद को तमाम शहरवासी संकट मोचक बनकर काम कर रहे हैं। महानगर में लॉकडाउन के अंदर भूखे लोगों का पेट भरने के लिए दो दर्जन से अधिक रसोई का संचालन हो रहा है। रसोई से हजारों की संख्या में खाने के पैकटों का विभिन्न क्षेत्रों में वितरण किया जा रहा है। साथ ही बीमार लोगों के लिए नि:शुल्क चिकित्सिय परामर्श की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है। सामाजिक सहभागिता के जरिए चल रही यह रसोई जरूरतमंदों और श्रमिकों के परिजनों का पेट भरनेे का मुख्य माध्यम बन रही हैं। --- लॉकडाउन से जारी है मयंक गोयल की रसोई नेहरूनगर में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री मयंक गोयल की रसोई लॉकडाउन होने की घोषणा से ही जारी है। अपने आवास पर बनाई गई रसोई से रोजाना जरूरतमंदों के लिए करीब 2100 खाने के पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही तमाम परिवारों को राशन के पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं। मयंक गोयल बताते हैं कि उनकी रसोई में तैयार भोजन को डूंडाहेडा, विजयनगर, प्रताप विहार, लालकुआं, पुराना बस अड्डा के आसपास, नंदग्राम सहित अन्य क्षेत्रों में वितरण किया जा रहा है। भोजन के पैकेटों के वितरण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की मदद ली जा रही है। भोजन बनाने के साथ वितरण के वक्त सैनेटेशन का पूरा ध्यान दिया जा रहा है। मास्क व ग्लब्स पहनकर ही काम व खाने का वितरण किया जा रहा है। --- सेवाभारती की पांच अन्नपूर्णा रसोई भर रही पेट लॉकडाउन में जरू रतमंदों की मदद के लिए सेवा भारती की ओर से महानगर में पांच अन्नपूर्णा रसोई का संचालन किया जा रहा है। पहली अन्नपूर्णा रसोई रमतेराम रोड, दो रसोई हिंडनपार और दो रसोई विजयनगर क्षेत्र में चल रही हैं। सेवा भारती के महानगर उपाध्यक्ष हरेराम खुद रमतेराम रोड की अन्नपूर्णा रसोई का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर रसोई में रोजाना 2600 से 2700 तक खाने के पैकेटों का वितरण स्वयंसेवकों की ओर से किया जा रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों की मदद के लिए खाने के पैकेट तैयार किए गए हैं। साथ ही लोगों को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी रसोई सामाजिक सहभागिता से संचालित हो रही हैं। ---
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