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किसान आंदोलन: दिल्ली-जयपुर हाइवे पूरी तरह बंद, संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक आज

Sat, 26 Dec 2020 12:10 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 26 Dec 2020 12:10 AM IST
खास बातें

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 31वें दिन में प्रवेश कर चुका है। किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने का एलान किया है। इसके तहत हरियाणा के सभी टोल फ्री किए जाएंगे। सरकार की तरफ से आए पत्र का क्या जवाब देना है इसको लेकर सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता अहम बैठक कर फैसला लेंगे। इसके साथ ही दिल्ली की कई सीमाएं और रास्ते बंद रहेंगे। यहां पढ़ें हर अपडेट...

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कृषि कानून के समर्थन में यूपी गेट पहुंचा जाट समाज(बाएं), हरियाणा में टोल फ्री का नहीं दिखा खास असर - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

10:58 PM, 25-Dec-2020

एसपी रेवाड़ी का बयान

हाईवे किसी तरह अवरुध न हो इसके लिए पुलिस की ओर से पूरी तैयारी की गई है। सभी बॉर्डर पर नाकाबंदी कर पुलिस की तैनाती की गई है। आमजन को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। -अभिषेक जोरवाल, एसपी रेवाड़ी।
10:40 PM, 25-Dec-2020

रेवाड़ी पुलिस ने राजस्थान से आने वाले सभी रास्ते किए सील

राजस्थान के किसानों का हरियाणा में प्रवेश करने से रोकने के लिए रेवाड़ी पुलिस ने सभी बॉर्डर को सील कर दिया है। इसके अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जगह-जगह बैरिकेड लगाकर पुलिस बल तैनात किया हुआ है। पुलिस की ओर से जयसिंहपुर खेड़ा, कोटकासिम- बोलनी बॉर्डर, खंडोडा बॉर्डर व भिवाड़ी की तरफ से धारूहेड़ा को आने वाले मार्ग पर नाकाबंदी कर बैरिकेड लगाए गए हैं। इतना ही नहीं बड़ी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई है। हाईवे के साथ सर्विस लेन को भी पुलिस ने बंद किया हुआ है। 
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10:23 PM, 25-Dec-2020

 किसानों का बढ़ा जमावड़ा, तीन राज्यों से पहुंचे हजारों अन्नदाता

हरियाणा की रेवाड़ी पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सीआईएसएफ, आरएएफ, वाटर कैनन की गाड़ियां व हाईवे पर कंटेनर लगाकर रास्ता बंद किया था। करीब एक घंटे तक किसानों व पुलिस के बीच तनातनी का माहौल रहा। बाद में किसान हाईवे पर ही बैठ गए। खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार की रात को भी तीन जत्थों में गुजरात व महाराष्ट्र से करीब तीन हजार किसान पहुंचे हैं। वहीं शनिवार को राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल भी अपने समर्थकों के साथ बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए पहुंचेंगे। सांसद ने पहले से ही चेतावनी दी है कि किसानों के साथ दिल्ली जाएंगे। 
10:17 PM, 25-Dec-2020

दिल्ली-जयपुर हाइवे पूरी तरह बंद

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के 13 दिन बाद हरियाणा-राजस्थान की सीमा पर स्थित खेड़ा बॉर्डर से किसानों ने दिल्ली कूच किया तो पुलिस ने हरियाणा सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। इससे शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे दोनों तरफ से पूरी तरह बंद हो गया। बता दें कि 13 दिसंबर से जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क बंद थी लेकिन अब किसान दूसरी सड़क पर भी टेंट लगाकर बैठ गए हैं। 
10:08 PM, 25-Dec-2020

'किसानों से अपील है कि मंच पर आकर सरकार से बात करें'

हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील है कि मंच पर आकर सरकार से बात करें। इन बिलों में उन्हें जो ऐतराज़ है, उसपर बात करें। सरकार मानने के लिए तैयार है, सरकार ने कई प्रावधानों को बदलने के लिए कहा भी है। 
 
10:03 PM, 25-Dec-2020

जब तक हम में ताकत है, हम विरोध करते रहेंगे: पायलट

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि किसान को किसानी करनी है या मजदूरी करनी है, ये निर्णय केंद्र सरकार को करना होगा। इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं, जब तक हम में ताकत है, हम विरोध करते रहेंगे। केंद्र सरकार ने किसानों को जो धोखा दिया है, उसका खामियाज़ा सरकार को उठाना पड़ेगा। 
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09:58 PM, 25-Dec-2020

कल संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में वार्ता पर होगा फैसला

अलग अलग राज्यों की बैठक के बाद शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में पंजाब सहित देश के सभी किसान संगठनों के प्रमुख होंगे। इस बैठक में सरकार की ओर से बातचीत के लिए भेजे पत्र के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद ही वार्ता पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 
09:48 PM, 25-Dec-2020

सरकार की चिट्ठी पर जारी है किसान संगठनों का मंथन

चिट्ठी मिलने से पहले किसानों ने एक दिन पहले कहा था कि किसान संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। पहले भी जा चुके हैं और आगे भी अगर सरकार खुले मन और इस समस्या के समाधान के लिहाज से विचार करती है तो वार्ता हो सकती है। नई चिट्ठी के बारे में किसानों का कहना है कि सरकार जब एमएसपी के लिए लिखित गारंटी दे सकती है तो कानून बनाने में क्या परेशानी है। तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग किसान अभी भी अड़े हुए हैं। 
09:10 PM, 25-Dec-2020

वार्ता पर किसानों का रुख होगा साफ

इससे पहले किसानों की सरकार के साथ वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन बेनतीजा रहीं। एक महीने से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून की मांग पर किसान डटे हुए हैं। सरकार की ओर से अब तक वार्ता के लिए की गई सिफारिशों को किसानों ने यह कहकर खारिज कर कि कानूनों को निरस्त करने से पहले बातचीत के लिए राजी नहीं हैं। 
08:52 PM, 25-Dec-2020

संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक कल

आंदोलनकारी किसानों को केंद्र सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सभी किसान संगठनों के बीच आपसी चर्चाओं का दौर जारी है। किसान अभी भी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। एमएसपी पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन को कानून का रूप देने की भी किसानों की मांग है। शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के किसान संगठनों की बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। वहीं, शनिवार को देश भर के किसान संगठनों की बैठक के बाद ही सरकार से वार्ता पर किसानों का रुख साफ होगा।
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