किसान आंदोलनः कुंडली बार्डर पर किसान ने पत्र लिखकर खाया जहर, पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती
दिल्ली की सीमाओं पर तमाम परेशानियां झेलते हुए आज किसानों का आंदोलन 26वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने के लिए नई रणनीतियों की घोषणा कर दी है। किसानों ने बताया है कि आज यानी सोमवार से हर रोज 11 किसान 24 घंटे के भूख हड़ताल पर रहेंगे। जब उनका उपवास खत्म होगा तो अन्य 11 लोग हड़ताल पर बैठ जाएंगे इस तरह यह चेन चलती रहेगी। इसके साथ ही आगे जाकर टोल प्लाजा फ्री करना और थाली बजाने जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स....
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किसानों ने ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे लोगों ने एक वैन में ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया। एक रक्तदाता ने बताया, "हमने सोचा क्यूं न हम अपना रक्त दान करें जो किसानों और जवानों के काम आ सके। देश में किसी को भी खून की जरूरत हो उन्हें भी हमारा रक्त मिले।"ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे लोगों ने एक वैन में ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया। एक रक्तदाता ने बताया, "हमने सोचा क्यूं न हम अपना रक्त दान करें जो किसानों और जवानों के काम आ सके। देश में किसी को भी खून की जरूरत हो उन्हें भी हमारा रक्त मिले।" pic.twitter.com/CccycnV91O
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 21, 2020
बरेली में किसानों ने टोल पर लगाया जाम, अफसरों ने फ्री कराया तो दिल्ली को निकले
बरेली में सोमवार शाम को करीब साढ़े सात बजे 25 ट्रैक्टर ट्रालियों से 700 किसानों का जत्था फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर पहुंच गया। भाकियू नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने आड़ी तिरछी ट्रालियां लगाकर टोल के रास्ते जाम कर दिए। सूचना पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। नवाबगंज में किसानों को मनाकर लौट रहे डीआईजी व एसएसपी पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। मजबूरी में अधिकारियों को टोल फ्री कराकर कई वाहन आगे बढ़वाने पड़े। कुछ किसानों को अधिकारियों ने मनाकर वापस भेज दिया। एडीजी ने मुरादाबाद के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है। किसानों को आगे रोकने की तैयारी है।निरंजन सिंह ने रविवार की रात करनाल में गुजारी
शनिवार को जत्थे समेत लौट आए। रविवार को किसान निरंजन सिंह, पंच दिलबाग सिंह के अलावा मुखत्यार सिंह के साथ कार में सवार होकर दोबारा दिल्ली धरने के लिए गए थे। रविवार की रात करनाल में गुजारी। सोमवार सुबह छह बजे दिल्ली के कुंडली बार्डर पर चल रहे धरने में पहुंच गए। सुबह आठ बजे श्री जपुजी साहिब जी का पाठ हुआ। इसके बाद किसानों को भूख हड़ताल पर बैठना था।'किसान निरंजन सिंह के पास 12 एकड़ जमीन है'
कुंडली बार्डर पर किसान ने खाया जहर
तरनतारन के खडूर साहिब के गांव भट्ठल भाईके निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने सोमवार को सोनीपत के कुंडली बार्डर पर चल रहे धरने के दौरान जहरीला पदार्थ निगल लिया। जहर निगलने से पहले किसान ने श्री जपुजी साहिब जी का पाठ सुना। किसान को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल कराया गया है।संगरूर में दिल्ली आंदोलन से लौटे किसान की मौत
कृषि कानूनों के खिलाफ 20 दिन से दिल्ली आंदोलन में शामिल रहे भवानीगढ़ के नजदीक के गांव बालदकलां के किसान हाकम सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। भाकियू डकौंदा ब्लॉक भवानीगढ़ के महासचिव सुखदेव सिंह बालदकलां और भाकियू सिद्धूपुर के नेता गुरबख्शीश सिंह बालदकलां ने बताया कि किसान हाकम सिंह पहले 35-40 दिन संयुक्त किसान मोर्चा के संगरूर रेलवे स्टेशन में लगाए गए धरने मे शामिल हो चुके थे।गाज़ीपुर बॉर्डर के नज़दीक बिजली घर में लगी आग
गाज़ीपुर बॉर्डर के नज़दीक बिजली घर में आग लगने के बाद फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया कि हो सकता है किसी ने बीड़ी, सिगरेट पीकर यहां सूखी घास पर फेंक दी हो, उसी वजह से आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है।ग़ाज़ीपुर बॉर्डर के नज़दीक बिजली घर में आग लगने के बाद फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 21, 2020
पुलिस ने बताया, "हो सकता है किसी ने बीड़ी, सिगरेट पीकर यहां सूखी घास पर फेंक दी हो, उसी वजह से आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है, दिक्कत की कोई बात नहीं है।" pic.twitter.com/PuAaZzt1oP
किसानों ने भूख हड़ताल समाप्त की
चिल्ला बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आज किसानों ने भूख हड़ताल की। शाम में किसानों ने भूख हड़ताल समाप्त की।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ये तीन कानून निरस्त नहीं हो जाते: किसान
महाराष्ट्र के नासिक में किसान संगठन के सदस्य केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन के लिए दिल्ली की आ रहे हैं। एक किसान का कहना है, हम किसानों के विरोध में शामिल होने और समर्थन करने जा रहे हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ये तीन कानून निरस्त नहीं हो जाते।Maharashtra: Members of farmer's organisation in Nashik move towards Delhi to support the farmers' protest against the Centre's #FarmLaws.
— ANI (@ANI) December 21, 2020
"We are going to join and support the farmers' protest. We'll not stop till these three laws are repealed," says a farmer. pic.twitter.com/PqXxvY5rbO