दिल्ली-एनसीआर में आज से ग्रैप की पाबंदियां लागू, नहीं चलेंगे डीजल जेनरेटर
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दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) यानी ग्रैप लागू हो रहा है। इससे डीजल से चलने वाले जनरेटर व पारंपरिक ईंट भट्ठों पर प्रतिबंध रहेगा। बीते दो वर्षों से यह नियम दिल्ली में लागू हो रहा था, लेकिन एनसीआर के अन्य शहरों पर यह लागू नहीं हो रहा था। हालांकि 'आवश्यक सेवाओं' में छूट जारी रहेगी।
ग्रैप योजना के तहत दिल्ली समेत गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और बहादुरगढ़ में भी डीजल जेनरेटर पर रोक रहेगी। हालांकि इनमें से कई शहरों के अधिकारियों का कहना है कि बैन के आदेश को लागू कराना मुश्किल होगा।
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने ग्रैप के दौरान सिर्फ दिल्ली में डीजल जेरनेरट पर रोक लगाई थी।
ईपीसीए ने इस साल सख्ती बरतते हुए कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण तभी खत्म हो सकता है, जब आसपास के शहरों में भी यह नियम लागू हो। हालांकि, एनसीआर के शहर अब भी पूरी तैयारी न होने की दलील देकर नियम में छूट की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने सूची बनाई है जिन्हें छूट दी जा रही है। इनमें मेडिकल सुविधाएं, एक्सक्लेटर, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में ट्रेन और स्टेशन की सुविधाएं शामिल हैं।
वहीं ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, शिक्षण संस्थान, मॉल आदि में जेनरेट सेट पर पाबंदी रहेगी। ईपीसीए ने पहले ही साफ कर दिया था कि हाउसिंग सोसायटी में सिर्फ लिफ्ट के इस्तेमाल में छूट रहेगी और पावर बैकअप के लिए नहीं मिलेगी।
सरकारी एजेंसियां हाई अलर्ट पर
दिल्ली की लगातार खराब होती आबोहवा में सोमवार को थोड़ा सुधार आया है। मौसमी दशाओं में बदलाव होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक 270 से घटकर 252 दर्ज किया गया। अगले दो दिनों तक स्थिति कमोबेश ऐसी ही रहेगी। इसके बावजूद पूरी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर रही। वहीं, द्वारका सेक्टर-8 में सूचकांक 300 पार पहुंच गया।
वहीं, सरकारी एजेसियों के हाई अलर्ट पर रहने से निगरानी प्रणाली भी सख्त रहेगी। ऐसे में हवा और बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, महीने के आखिरी सप्ताह में दिल्ली के हालात बिगड़ने का अंदेशा है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड सिचर्स (सफर) का कहना है कि सोमवार को हवा की दिशा व तरीके में आए बदलाव से दिल्ली में पराली के धुएं का असर तकरीबन नहीं रहा। अगले दो दिनों में इसकी मात्रा करीब एक फीसदी रहेगी।
फिलहाल दक्षिण पूर्वी हवाएं चल रही हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के उत्तर पश्चिम इलाके में चक्रवाती दशाएं बन रही हैं। दोनों के मिले-जुले असर से अगले दो दिनों तक वायु प्रदूषण पिछले दिनों की तुलना में कम रहने की उम्मीद है।
सोमवार को भी इसमें गिरावट देखी गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार के 270 की तुलना में सोमवार को 252 रहा। हालांकि, अभी भी यह खराब स्तर पर रहा। जबकि पंजाब व हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में पराली जलाने के मामले देखे जा रहे हैं।
सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी बदलावों का असर दिवाली से पहले तक रहेगा। महीने के चौथे सप्ताह में एक बार फिर से इसमें गिरावट दर्ज की जाएगी। इस दौरान तापमान में भी कमी आएगी।
दूसरी मौसमी दशाएं भी खराब रहेंगी। उस वक्त अगर ज्यादा पटाखेबाजी हुई या पराली जलाने के मामले में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई तो हालात बदतर हो सकते हैं। इससे हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर से भी पार जा सकती है। हालांकि, सफर का मानना है कि अगर दिल्ली अपने प्रदूषण को सीमित रख सकी तो हवा दमघोंटू नहीं होगी।
आज से लागू होंगी यह पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रैप लागू हो रहा है। इसके चलते डीजल के जनरेटर बंद रहेंगे। वहीं, खरपतवार जलाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही पारंपरिक तरीके से चलने वाले ईंट के भट्टे भी बंदे होंगे। निर्माण स्थलों पर इस तरह के इंतजाम करने होंगे, जिससे धूल के कण उड़ने न पाएं। निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव करने के साथ उसे ढंककर रखना होगा।
ईपीसीए का कहना है कि दिल्ली व एनसीआर के सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। इस दौरान इलाके के हॉट स्पॉट पर औचक निरीक्षण करके प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी है। इस दौरान ज्यादा ध्यान औद्योगिक क्षेत्रों, सार्वजनिक परिवहन के बड़े स्थलों पर रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
लगातार खराब हो रही हवा, पहली बार सुधरी
सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि लगातार खराब होती आबोहवा बृहस्पतिवार को खराब स्तर पर पहुंच गई थी। 10 अक्तूबर को एक्यूआई 211 था। अगले दिन 216 पर पहुंच गया। 12 अक्तूबर को सूचकांक 222 व 13 को 270 दर्ज किया गया। सोमवार इसमें एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, द्वारका सेक्टर आठ का सूचकांक 300 से पार था।
टॉप पांच वायु गुणवत्ता वाले इलाके
द्वारका सेक्टर 8: 307
आनंद विहार: 292
विवेक विहार: 283
बवाना: 282
जनकपुरी: 277
अशोक विहार: 259
सफर का पूर्वानुमान
तारीख पीएम 10 पीएम 2.5
15 अक्तूबर 22 117
16 अक्तूबर 231 122