CJP Protest: पुलिस ने 2,873 लोगों की पहचान की, इनमें 989 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले, हिंसा में भूमिका की होगी जांच
राष्ट्रीय राजधानी में छात्र प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की है। पुलिस उनकी हिंसा में संलिप्तता की जांच कर रही है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर गत सोमवार को हुए सीजेपी के प्रदर्शन की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल 2,873 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 989 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। पुलिस के अनुसार, इनमें हत्या के 101 आरोपी, लूट व डकैती के 284 आरोपी तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न सहित अन्य अपराधों के 92 आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा झपटमारी के 135, आर्म्स एक्ट के 229, एनडीपीएस एक्ट के 67 और अपहरण के 19 आरोपी भी चिह्नित किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 20 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें करीब 15 एफआईआर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की शिकायत पर दर्ज हुई हैं, जबकि शेष शिकायतें महिला पत्रकारों और अन्य निजी पीड़ितों की ओर से दर्ज कराई गई हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी व निजी वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई आरोपी आदतन अपराधी हैं। हत्या के 101 आरोपियों में से 42 पर दो या अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 12 के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले हैं। इसी तरह लूट और डकैती के 284 आरोपियों में से 155 पर कई मुकदमे दर्ज हैं और 31 के खिलाफ 10 से अधिक मामले लंबित हैं। दिल्ली पुलिस ने जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
सीजेपी ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर समझौते के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक बार फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को एक्स पर सीधे तौर पर लिखते हुए पुलिस कार्रवाई और छात्रों की गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताई है। आशुतोष ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो वे दोबारा धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।