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आरएमएल: मोर्चरी में जगह नहीं, कंटेनरों को बनाया अस्थायी फ्रीजर
Sat, 30 May 2020 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 May 2020 05:35 AM IST
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आरएमएल में कंटेनरों में अस्थायी फ्रीजर लगा दिए गए हैं...
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार के दो बड़े अस्पतालों में अब तक कोरोना वायरस की वजह से 265 लोगों की मौत हो चुकी है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) की मोर्चरी में तो शव रखने की ही जगह नहीं बची हैं। मोर्चरी में 40 शवों को रखने की ही व्यवस्था है। ऐसे में शुक्रवार को मोर्चरी के बाहर दो कंटेनरों में अस्थायी फ्रीजर लगा दिए हैं, ताकि अतिरिक्त शवों को यहां सुरक्षित रखा जा सके।
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आरएमएल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज के अनुसार, अस्पताल में अब तक 600 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जा चुका है, जिनमें से 162 मरीजों की मौत हो चुकी है।
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मोर्चरी फुल होने की संभावना के चलते दो कंटेनरों में अस्थायी फ्रीजर लगाए गए हैं। अभी इनकी जरूरत नहीं पड़ी है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फ्रिज की व्यवस्था की गई है। इनमें एसी लगाया गया है ताकि कंटेनर का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से कम रखा जा सके।
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वहीं सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बलविंदर सिंह के अनुसार, 1 फरवरी से अब तक 103 लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो चुकी है, जिनमें से 70 कोविड पॉजिटिव की मौत 1 फरवरी से 27 मई के बीच हुई है। इनमें से 33 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से पहले अन्य तरह की बीमारी होने से हुई है।
उन्होंने बताया कि 572 संक्रमित मरीजों को अब तक उनके यहां सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भर्ती किया जा चुका है जिनमें से 262 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। दरअसल कोरोना वायरस को लेकर इन दोनों अस्पतालों को सबसे पहले जिम्मेदारी दी गई थी। आरएमएल के डॉक्टरों को स्क्रीनिंग के लिए आईजीआई पर तैनात किया गया था। जबकि सफदरजंग अस्पताल को देश में सबसे पहले नोडल केंद्र बनाया गया था।