फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   many problems will come in getting admission kn kg

आसान नहीं होगी KG में दाखिले की राह

Tue, 19 Dec 2017 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Dec 2017 08:56 AM IST
विज्ञापन
many problems will come in getting admission kn kg

राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले की दौड़ जनवरी में शुरू होने जा रही है। इस दौड़ में केजी में दाखिला लेने वालों की राह आसान नहीं होगी, खासकर उन अभिभावकों की राह मुश्किल होगी, जिनके बच्चों का दाखिला बीते साल नर्सरी में नहीं हो पाया था और वह इस साल केजी में बच्चे का दाखिला कराना चाहते हैं।

विज्ञापन


वहीं स्कूलों में केजी की सीटें कम होना भी परेशानी का सबब बनेगा। केजी के लिए कोई तय दिशा-निर्देश नहीं होने के कारण स्कूल पूरी तरह से अपनी मनमानी करते हैं। दिल्ली में लगभग 250 निजी स्कूलों में ही केजी है। वहीं इनमें से भी कई ऐसे हैं, जो अल्पसंख्यक स्कूलों की श्रेणी में आते हैं।
विज्ञापन


इन स्कूलों में 50 फीसदी सीटें अल्पसंख्यक के लिए तय होती है। वहीं कुछ स्कूलों के प्ले स्कूल भी चलते हैं, जिसमें नर्सरी होती और उन्हीं बच्चों को उनके बड़े स्कूल में केजी में दाखिला मिलता है। केजी में सीटें खाली होने पर ही बच्चों को दाखिला मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं ऐसे अभिभावकों को परेशानी होगी, जिन्होंने बीते साल नर्सरी में यह सोचकर दाखिला नहीं कराया कि अगले साल केजी में दाखिला करा लेंगे। केजी में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु चार साल व अधिकतम आयु पांच साल तय है।

एडमिशन नर्सरी डॉटकॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि नर्सरी क्लास लगभग सभी स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षा होती है, जबकि बेहद कम स्कूल हैं, जहां केजी प्रवेश स्तर की कक्षा है। उन्होंने कहा कि केजी को लेकर कोई तय दिशा-निर्देश नहीं हैं।

शिक्षा निदेशालय नर्सरी के लिए गाइडलाइंस देते समय उन्हें एंट्री लेवल की कक्षाओं पर लागूू करने की बात कहता है। केवल अल्पसंख्यक स्कूलों में ही एंट्री लेवल कक्षा केजी से होती है। ऐसे में यही स्कूल शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइंस को मानते हैं।


केजी के लिए कोई तय कैलेंडर भी नहीं होता है। अधिकतर स्कूल दिसंबर से दाखिले शुरू करते हैं और जनवरी तक लेकर जाते हैं। वह कहते हैं कि केजी में सीटें अधिक हों और दाखिले के लिए दिशा-निर्देश तय हों, तभी केजी में दाखिले की परेशानी खत्म हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed