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युवा महोत्सव में जमा लोक संस्कृति का रंग

Sat, 03 Jan 2015 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 03 Jan 2015 02:29 AM IST
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youth festival in dehradun.

दो दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के पहले दिन लोक संस्कृति की छटा बिखरी। ढोल, दमाऊ, तुरही, रणसिंगा, बांसुरी की धुनों के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुति देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

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कुमाऊं के लोकनृत्य छोलिया को देख दर्शक जहां दांतो तले अंगुली दबाने को मजबूर हुए, वहीं चमोली के कलाकारों ने नृत्य से रणबाकुरों की वीरगाथा से रूबरू कराया। इसके अलावा पांडव नृत्य, झोड़ा, चांचरी, छपेली आदि नृत्य की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
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शुक्रवार को नगर निगम स्थित जुगमंदर हॉल में विधायक राजकुमार और अपर सचिव शैलेश बगोली ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया। लोकनृत्य प्रतियोगिता का आगाज अल्मोड़ा जिले ने किया।
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इसके बाद बागेश्वर जिले की टीम ने झोड़ा नृत्य प्रस्तुत किया। चंपावत के कलाकारों ने छपेली नृत्य से ऐसा रंग जमाया कि दर्शक खड़े होकर झूमने लगे। चमोली जिले के कलाकारों ने पुराने रणबाकुरों की कहानी को लोकगीत और नृत्य के जरिये दिखाया। देहरादून की टीम ने गढ़वाली गीत पर खूबसूरत नृत्य कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नैनीताल की टीम ने चली रे योधुरा हवा सुरुरुरु... गीत पर छपेली नृत्य प्रस्तुत किया।

नृत्य दिखाया, मतलब नहीं पता

youth festival in dehradun.

युवा महोत्सव में पौड़ी गढ़वाल की टीम ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य खत्म होने के बाद जब निर्णायकों ने इसका मतलब पूछा तो टीम नहीं बता पाई। निर्णायकों ने बताया कि यह पौराणिक कृषि आधारित गीत है। जिसे गांव में महिलाएं खेती के समय गाती हैं।

पारंपरिक वाद्ययंत्र लेकर आई टीमें
युवा महोत्सव में खास बात यह रही कि न तो रिकार्ड गीतों को बजाया गया और न ही बैकग्राउंड में संगीत चला। हर टीम अपने साथ पारंपरिक वाद्ययंत्र लेकर आई थी। मंच पर ही एक दल नृत्य की प्रस्तुति दे रहा था तो दूसरा दल गीत के साथ ही वाद्य यंत्र बजा रहा था।

ये रहे मौजूद
युवा महोत्सव के तहत संस्कृति निदेशालय के आडीटोरियम में मणिपुरी, ओड़िसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कुचीपुड़ी शास्त्रीय नृत्य और हिंदुस्तानी और कर्नाटक शैली के शास्त्रीय गायन की प्रतियोगिता हुई। इस अवसर उप निदेशक अजय अग्रवाल, उप निदेशक शक्ति सिंह, एसके जयराज, प्रमोद पांडे, प्रदीप महरा, गोविंद भौर्याल आदि मौजूद रहे।

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