ईमानदारी से प्रयास करने पर ही सफलता संभव : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- पलायन रोकने के लिए सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान
- उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से किया संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जीवन में सफलता के लिए ईमानदारी से प्रयास करने की जरूरत है। तनाव से कुछ हासिल नहीं होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह बात स्वामी विवेकानंद की 157 वीं जयंती के अवसर पर ओएनजीसी सभागार में आयोजित उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव के अंतिम दिन कही। उन्होंने युवाओें से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश मुस्कुराएगा और आगे बढ़ेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यंग लीडर कॉन्क्लेव में युवाओं के बीच जो मंथन हुआ और निष्कर्ष निकला उस पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री दो-तीन माह में युवाओं से संवाद जरूर करते हैं। हमारी युवा शक्ति को किसी भी कार्य के लिए आगे आना जरूरी है।
इस वर्ष 12 फरवरी से उच्च शिक्षा में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले पांच प्रोफेसरों को डॉ. भक्त दर्शन पुरस्कार दिया जाएगा। इसके तहत 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। कार्यक्रम में स्वामी असीम आत्मानंद, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति की उपाध्यक्ष दीप्ति रावत, अपर सचिव इकबाल अहमद एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अदिति त्यागी ने किया।
22 ब्लॉकों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना
मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित व वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य जिलों के छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने पहाड़ों से हो रहे पलायन के मुद्दे पर कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण उत्तराखंड विशेष संवेदनशील है। राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन किया है। सीमांत 22 ब्लॉकों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना प्रारंभ की गई है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर
युवाओं के लिए सरकार के विजन के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए युवा सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। सरकार का ध्यान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। राज्य में बड़े संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें सीपैट, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी आदि प्रमुख हैं। युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, उनका कौशल विकास हो, उनके चेहरों पर मुस्कान रहे, यही हमारी कोशिश है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए आगे आना चाहिए। श्रम को सम्मान देना जरूरी है।
संस्कृति परंपराओं व पुरखों का सम्मान हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और पुरखों पर गर्व होना चाहिए। वही देश आगे बढ़ सकता है, जो अपने पूर्वजों का सम्मान करता हो। यह पूछे जाने पर कि राजनीति में नहीं आते तो क्या करते। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा। इसके लिए कभी किसी से कहा भी नहीं, केवल अपना कर्तव्य करता गया। हमारी प्रवृत्ति मांगने की नहीं होनी चाहिए बल्कि अपने पुरुषार्थ से हासिल करना चाहिए। अगर राजनीति में नहीं आता तो अपना ही कोई काम करता नौकरी बिल्कुल नहीं करता।
ग्रोथ सेंटर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
पहाड़-मैदान के बीच की खाई को पाटने के लिए सरकार क्या कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले की प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। हालांकि मैदानी व पर्वतीय जिलों की आय में कुछ फर्क है। इसे दूर करने के लिए कई तरह की पहल की गई है। विकास नीति को जिला केंद्रित किया गया है।
किसान समूहों को पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में देवभोग प्रसाद योजना से स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया गया है। प्रदेश की न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर स्थापित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। पहाड़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं। हमें वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना है।
फिल्म शूटिंग डेस्टीनेशन बन रहा उत्तराखंड
फिल्म शूटिंग के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के समय वे मुंबई में फिल्मकारों से मिले थे। उन्हें बताया गया कि उत्तराखंड ओपन एयर फिल्म स्टूडियो है। इसके बाद डेढ़ साल में बड़ी संख्या में फि ल्में, टीवी सीरियलों, डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग की गई है। सरकार फि ल्म की शूटिंग पर आने वालों का पूरा ध्यान रखती है। हमें बेस्ट फि ल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड भी मिला है।
नए पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान
पर्यटन के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पर्यटकों के साथ ऐसा व्यवहार होना चाहिए कि वे यहां से खुश होकर जाएं। पुराने हिल स्टेशन सेचुरेटेड हो चुके हैं। इसलिए नए टूरिज्म डेस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। टिहरी झील के लिए 1400 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है। आने वाले समय में टिहरी पर्यटन का बहुत बड़ा गंतव्य बनने जा रहा है। पिथौरागढ़ में देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन बनाने की परिकल्पना पर काम किया जा रहा है।