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Dehradun News: दो महीने से मानदेय को तरसे योग प्रशिक्षक, बोले-किराया देने के भी पड़े लाले
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देहरादून। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे योग प्रशिक्षक दो महीने के अवशेष मानदेय के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। योग शिक्षक संघ का आरोप है कि दिल्ली की आउटसोर्स एजेंसी ने जुलाई और अगस्त का मानदेय अब तक जारी नहीं किया है। इससे योग प्रशिक्षक भवन का किराया तक नहीं दे पा रहे हैं।
योग प्रशिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित नेगी और वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक प्रियदर्शी पैन्यूली का कहना है कि इस संबंध में सरकार, शासन और शिक्षा विभाग को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद प्रशिक्षकों को उनके मेहनताने का भुगतान नहीं हो पाया है। संघ के मुताबिक राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत योग प्रशिक्षक केवल महाविद्यालयों तक सीमित नहीं हैं। वे आसपास के विद्यालयों और क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और आम लोगों को योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में किराए के कमरों में रहकर सेवाएं दे रहे प्रशिक्षकों के सामने मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई प्रशिक्षक कमरे का किराया तक देने की स्थिति में नहीं हैं।
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महाविद्यालयों को कहा गया है कि मानदेय न देने के मामले में आउटसोर्स एजेंसी की लिखित शिकायत दें। शिकायत मिलने पर संबंधी एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -आनंद सिंह उनियाल, निदेशक उच्च शिक्षा
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योग प्रशिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित नेगी और वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक प्रियदर्शी पैन्यूली का कहना है कि इस संबंध में सरकार, शासन और शिक्षा विभाग को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद प्रशिक्षकों को उनके मेहनताने का भुगतान नहीं हो पाया है। संघ के मुताबिक राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत योग प्रशिक्षक केवल महाविद्यालयों तक सीमित नहीं हैं। वे आसपास के विद्यालयों और क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और आम लोगों को योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में किराए के कमरों में रहकर सेवाएं दे रहे प्रशिक्षकों के सामने मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई प्रशिक्षक कमरे का किराया तक देने की स्थिति में नहीं हैं।
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महाविद्यालयों को कहा गया है कि मानदेय न देने के मामले में आउटसोर्स एजेंसी की लिखित शिकायत दें। शिकायत मिलने पर संबंधी एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -आनंद सिंह उनियाल, निदेशक उच्च शिक्षा
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