फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   year ender 2021: political change continued throughout year, uttarakhand see three chief ministers

Year Ender 2021: उत्तराखंड की सियासत में साल भर चलती रही बदलाव की बयार, देखे तीन मुख्यमंत्री

Fri, 24 Dec 2021 02:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 24 Dec 2021 02:27 PM IST
सार

प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार ने जहां तकरीबन चार साल त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्वकाल में निकाल दिए। जब यह लग रहा था कि एनडी तिवारी के बाद त्रिवेंद्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पांच साल पूरे करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो उनकी विदाई हो गई।

विज्ञापन
year ender 2021: political change continued throughout year, uttarakhand see three chief ministers
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : ट्विटर

विस्तार

उत्तराखंड की सियासत में साल भर बदलाव की बयार चलती रही। प्रचंड बहुमत की सरकार में राज्य के लोगों ने एक साल में तीन-तीन मुख्यमंत्री देखे। बदलाव की हवा से भाजपा और कांग्रेस का संगठन भी महफूज न रहा। दोनों दलों ने अपने-अपने संगठन की कमान नए चेहरों के हाथों में सौंपी। साल के आखिरी महीनों में बदलाव की ये बयार दलबदल में ऐसी बदली कि इसने सियासत में हलचल पैदा कर दी। 

विज्ञापन


एक साल में बदले तीन-तीन मुख्यमंत्री
प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार ने जहां तकरीबन चार साल त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्वकाल में निकाल दिए। जब यह लग रहा था कि एनडी तिवारी के बाद त्रिवेंद्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पांच साल पूरे करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो उनकी विदाई हो गई। तीरथ सिंह रावत ने कमान संभाली और कुछ ही महीने में उनकी भी कुर्सी खिसक गई। पार्टी ने युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी को बागडोर थमाई।
विज्ञापन


Uttarakhand Election 2022: हर वक्त कम निधि की चर्चा... लेकिन जो मिला वह भी नहीं खर्चा, खास रिपोर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन


कौशिक और गोदियाल को संगठनों की कमान
बदलाव की यह बयार भाजपा और कांग्रेस में भी चली। प्रदेश मंत्रिमंडल से विदा हुए मदन कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संगठन की बागडोर सौंपी। प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़कर बंशीधर भगत कैबिनेट मंत्री बनाए गए। उधर, प्रदेश कांग्रेस की कमान हरीश रावत खेमे के गणेश गोदियाल के हाथों में दे दी गई। प्रदेश अध्यक्ष पद से रुख्सत हुए प्रीतम सिंह कांग्रेस विधायक मंडल दल के नेता बना दिए गए।

मोदी कैबिनेट से निशंक विदा, भट्ट की एंट्री
बदलाव का यह सिलसिला केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तराखंड के प्रतिनिधित्व को लेकर भी दिखा। मोदी कैबिनेट से शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक विदा हुए तो सांसद अजय भट्ट की एंट्री हुई। उन्हें केंद्रीय पर्यटन और रक्षा राज्यमंत्री बनाया गया।

राजभवन से बेबी गईं, गुरमीत आए

परिवर्तन की हवा सियासी दलों से बहकर सत्तालोक तक पहुंची और वहां से राजभवन में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य की विदाई की पटकथा लिख गई। साथ ही फौजी अफसर रहे ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने नए राज्यपाल के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

दलबदल में घुली परिवर्तन की बयार
देखते ही देखते परिवर्तन की यह बयार अनायास दलबदल में घुल गई। मिशन 2022 के लक्ष्य को साधने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के पुरोला विधायक राजकुमार, धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार और भीमताल के निर्दलीय विधायक रामसिंह कैड़ा को पार्टी में शामिल कराकर कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया। कांग्रेस ने भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे की घर वापसी कराकर करारा जवाब दिया।  

एक साल में चार विधायकों को खोने का गम
साल भर की इन सियासी उलटबासियों के बीच उदास करने वाली खबरें भी आई। एक साल में चार विधायकों के देहावसान ने राजनीति को रुआंसा कर दिया। कांग्रेस की दिग्गज नेता इंदिरा हृदयेश, संभावनाओं से भरपूर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना, गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत और अंत में सबसे वरिष्ठ विधायक हरबंस कपूर दुनिया से विदा हो गए।

..और उत्तराखंड बना सियासी सूरमाओं का अखाड़ा
साल के आखिर तक उत्तराखंड सियासी सूरमाओं का अखाड़ा बन गया। भाजपा की चुनावी बिसात बिछाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह सरीखे दिग्गज नेता आए तो कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। विपक्षी दल ने राहुल गांधी को मैदान में उतारा। उधर, तीसरे विकल्प के लिए खम ठोक रही आम आदमी पार्टी की हवा बनाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी अपनी लोकलुभावन घोषणाओं से सियासत गरमाते दिखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed