900 छात्र-छात्राओं की ‘परीक्षा’ ले रहा यमुनोत्री हाईवे, जोखिम भरा पैदल सफर करने को हुए मजबूर
- हाईवे 15 दिन के लिए बंद, वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम नहीं शुरू
- जीआईसी खरादी व टटाऊ स्थित बड़कोट महाविद्यालय में चल रही इन दिनों परीक्षा
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यमुनोत्री हाईवे के भूस्खलन प्रभावित छटांगाधार क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम करने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। भूस्खलन के चलते हाईवे को खोलने में अभी 15 दिन का समय लगना है, लेकिन पैदल आवाजाही को वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य शुरू नहीं होने से 900 छात्र-छात्राएं जान जोखिम डालकर परीक्षा देने पहुंच रहे हैं। छात्र एक से डेढ़ किमी का जोखिम भरा पैदल सफर तय करने को मजबूर है।
यमुनोत्री हाईवे को सुचारु करने के लिए निर्माण एजेंसी ने प्रशासन से 15 दिन का समय मांगा है, लेकिन आदेशों के बावजूद भूस्खलन प्रभावित स्थान पर वाहनों व लोगों की आवाजाही रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं पैदल आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य भी अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
ऐसे में छात्र-छात्राओं के सामने सबसे बड़ी मुश्किल है। इन दिनों जीआईसी खरादी व टटाऊ स्थित बड़कोट महाविद्यालय में रोजाना लगभग 900 छात्र छात्राएं परीक्षा देने पहुंच रहे हैं, लेकिन हाईवे बाधित होने व वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण उन्हें दुर्गम रास्तों से जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा.एके तिवारी व जीआईसी के प्रधानाचार्य आशीष रमोला ने बताया कि इस वक्त दोनों संस्थानों में परीक्षाएं चल रही हैं। कहा कि 900 छात्र-छात्राओं जान जोखिम में डालकर परीक्षा देने पहुंच रहे है।
परीक्षाएं 12 अक्तूबर तक चलेंगी
बताया कि परीक्षाएं 12 अक्तूबर तक चलेंगी। उन्होंने प्रशासन से हालात सामान्य होने तक परीक्षार्थियों व शिक्षकों को सुविधा प्रदान कराने की मांग की। सोमवार को एसडीएम ने हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह बंद करने और यमुना नदी में ह्यूम पाइप डालकर वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाने के आदेश दिए थे, लेकिन इन आदेशों का कोई पालन होता नहीं दिख रहा है।
छटांगाधान में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आवाजाही रोकी गई है। इसके बावजूद इस डेंजर जोन वाले हिस्से में आवाजाही होना गंभीर लापरवाही है। इसे दिखवाकर जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
- चतर सिंह चौहान, एसडीएम बड़कोट।
भूस्खलन जोन के पास वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उचित स्थान मिलते ही मार्ग बना दिया जाएगा। फिलहाल हाईवे को जल्द से जल्द सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
-नवनीत पांडे, अधिशासी अभियंता एनएच बड़कोट।