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आरामतलबी की आदत, दिल की शामत
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 29 Sep 2013 11:16 AM IST
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आरामतलबी दिल की सेहत पर भारी पड़ रही है। बिगड़ी लाइफ स्टाइल की वजह से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे रिस्क फैक्टर वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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दून अस्पताल में एक साल में दिल के मरीजों की संख्या पांच फीसदी बढ़ी है। दून अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन पांच मरीज हृदय रोग के आते हैं।
सिगरेट-बीड़ी की लत से हृदय रोग
दून अस्पताल में आए हृदय रोगियों की पैथोलोजिकल जांच में अधिकांश के खून में वसा की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई। इसके साथ ही केलेस्ट्राल भी बढ़ा हुआ था।
अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केबी जोशी का कहना है कि बिगड़ी लाइफ स्टाइल और सिगरेट-बीड़ी की लत लोगों को हृदय रोग के खड्ड में धकेल रही है।
प्रतिदिन औसतन ढाई हजार रोगी
डॉ. जोशी ने बताया कि एक साल में दून अस्पताल आने वाले रोगियों का प्रतिशत 19 से बढ़कर 24 हो गया है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसत ढाई हजार रोगी आते हैं।
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कुछ रोगी फिजिशियन की ओपीडी में भी दिखाते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ने से हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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