बसपा प्रदेश अध्यक्ष पर चप्पल फेंकने का प्रयास, कार्यकर्ताओं ने जमकर काटा हंगामा
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विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बसपा में अब जूतम पैजार शुरू हो गई है। प्रदेश कार्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह के स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। इतना ही नहीं, धक्का मुक्की के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष पर चप्पल फेंकने का प्रयास भी हुआ।
पार्टी से निकाले गए नेताओं और उनके समर्थकों ने प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी और प्रदीप जाटव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामा इस कदर बढ़ा कि पुलिस बुलानी पड़ी।
प्रदेश बनने के बाद से लगातार तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही बसपा ने हाल के विधानसभा चुनाव में सबसे कमतर प्रदर्शन किया है। पार्टी इस चुनाव में खाता ही नहीं खोल पाई। इसकी गाज कई प्रदेश पदाधिकारियों पर गिरी और पार्टी सुप्रीमो मायावती पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार और नत्थू लाल सहित कई नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए चौधरी चरण सिंह के स्वागत के लिए बृहस्पतिवार को शिवालिक नगर स्थित प्रदेश कार्यालय पर कार्यक्रम रखा गया था। इसकी भनक लगने पर पार्टी से निकाले गए सतीश कुमार, नत्थू लाल आदि नेता और उनके समर्थक प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। नेताओं और समर्थकों ने प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रदीप जाटव के खिलाफ नारेबाजी शुरू करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच एक कार्यकर्ता गुस्से में आपा खो बैठा और हाथ में चप्पल लेकर प्रदेश अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह की तरफ बढ़ा। इससे पहले कि कार्यकर्ता चप्पल फेंकता, आसपास मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने उसे रोक लिया। हंगामा और धक्का मुक्की इसके बाद भी जारी रही। पार्टी से निकाले गए नेताओं और उनके समर्थकों को शांत कराते हुए बसपाइयों ने पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने कार्यालय पहुंचकर हंगामा शांत कराया।
षड्यंत्र रच रहे नसीमुद्दीन और प्रदीप जाटव
बसपा में अनुशासन लगातार हो रहा तार-तार
अनुशासन वाले राजनीतिक दलों में शुमार समझी जाने वाली बसपा में अनुशासन लगातार तार-तार हो रहा है। उत्तराखंड प्रदेश कार्यालय पर यह हंगामा कोई नया नहीं है। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट फाइनल होने पर भी असंतुष्ट दावेदारों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। तब भी प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रदीप जाटव नाराज कार्यकर्ताओं के निशाने पर थे। तब प्रदेश अध्यक्ष भृगुराशन को कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा था। अब बृहस्पतिवार को फिर नए प्रदेश अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह को कार्यकर्ताओं के गुस्से से दो चार होना पड़ा।
षड्यंत्र रच रहे नसीमुद्दीन और प्रदीप जाटव
पार्टी से निकाले गए नेताओं ने प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रदीप जाटव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कि उनके नेतृत्व में बसपा ने पिछला जिला पंचायत चुनाव लड़ा और 17 सीटें जीतकर जिले की सबसे बड़ी पार्टी बनी। विधानसभा चुनाव से पहले मुझे हटाकर प्रदेश महासचिव बना दिया गया। गलत रणनीति के कारण पार्टी का खाता नहीं खुल पाया। आरोप लगाया कि प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी और प्रदीप जाटव मिलकर उत्तराखंड में बसपा को खत्म करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
सबको साथ लेकर पूरा करेंगे मिशन 2019
प्रदेश कार्यालय पर हंगामे को लेकर नए प्रदेश अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह का कहना है कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। हालांकि नेताओं की घर वापसी की संभावनाओं पर उनका कहना था कि इन नेताओं को पार्टी से निकालने का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का है, उन्हें वापस लेने पर भी पार्टी सुप्रीमो ही विचार कर सकती हैं। चौधरी चरण सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य मिशन 2019 है। सबको साथ लेकर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास करेंगे।