कामकाजी महिलाओं को लेकर उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, कारखाना अधिनियम में किया संशोधन
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उत्तराखंड सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए अहम फैसला लिया है। उद्योगों में सुविधाएं और सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिला कार्मिक अब रात्रि शिफ्ट में काम कर सकेंगी। मंत्रिमंडल ने कारखाना अधिनियम में रात्रि शिफ्ट में काम करने की छूट को मंजूरी दे दी है। जिससे महिलाएं भी उद्योगों में रात्रि 10 से सुबह पांच बजे के बीच की शिफ्ट में काम कर सकेंगी।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कारखाना अधिनियम में प्रतिबंध प्रावधानों में छूट देने का फैसला लिया है। कारखाना अधिनियम में महिला कार्मिकों को सुबह 6 बजे से शाम सात बजे तक ही उद्योगों में काम करने की अनुमति दी है।
लेकिन वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने अधिसूचन जारी कर तीन सालों के लिए शाम 7 से 10 बजे और सुबह 5 से 8 बजे तक महिलाओं को शिफ्ट में काम करने की छूट दी थी। साथ ही सरकार ने शिफ्ट में काम कराने के लिए यह भी प्रावधान किया था कि रात्रि 10 से सुबह 5 बजे की शिफ्ट में महिला कार्मिकों से काम नहीं कराया जाएगा।
यह भी किया प्रावधान
इंवेस्टर्स समिट के जरिये प्रदेश में आईटी सेक्टर में कई निवेशक निवेश करने को आगे आ रहे हैं। आईटी इंडस्ट्री में रात्रि शिफ्ट में भी काम चलता है। ऐसे में सरकार ने कारखाना अधिनियम में महिला कार्मिकों को रात्रि शिफ्ट में काम करने की छूट दी है।
यह भी किया प्रावधान
सरकार ने प्रतिबंध प्रावधानों में छूट देने के साथ ही यह भी प्रावधान किया है कि कारखानों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न जैसे घटनाएं रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। महिला कार्मिकों को कारखाने से घर तक छोड़ने की व्यवस्था जरूरी होगी। साथ ही उनके लिए अलग से कैंटीन और महिला वार्डन की व्यवस्था करने के साथ ही रात्रि शिफ्ट में कम से कम 10 महिला कार्मिकों के बैच में काम लिया जाएगा।