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उत्तराखंड में मतदाता बनने में महिलाओं ने पुरूषों को पीछे छोड़ा
अरविंद सिंह/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 06 Oct 2016 09:55 AM IST
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मतदान जैसे संवैधानिक अधिकारों को लेकर राज्य की महिलाएं पुरूषों की तुलना में ज्यादा जागरूक हैं। इसकी तस्दीक केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से होती है।
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निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड में पिछले पांच साल के भीतर मतदाताओं की संख्या में 17 फीसदी का अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय पहलू यह है कि मतदान को लेकर थर्ड जेंडर ने भी गहरी दिलचस्पी दिखाई है। पिछले पांच साल में आंकड़ा एक से बढ़कर 149 तक पहुंच गया है।
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केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो विधानसभा चुनाव 2012 में मतदाताओं की कुल संख्या 6277955 थी। इनमें 3284345 पुरूष और 2993610 महिला मतदाता शामिल थे। वहीं एक अक्तूबर तक मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 7381000 पहुंच गई है। जिसमें 3865672 पुरुष और 3515279 महिला मतदाता है।
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ऐसे में कुल मिलाकर पिछले पांच साल में राज्य में मतदाताओं की संख्या में 1102896 का इजाफा हुआ है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो मतदाताओं की संख्या में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी का कहना है कि मतदाता बनने को लेकर पूरे राज्य में लगातार जागरूकता अभियान चलाया गया।
मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्शाता है कि मतदान को लेकर लोगों में जागरूकता आई है, यह अच्छी बात है। बकौल सीईओ राधा रतूड़ी इस बार विधानसभा चुनाव के बाद मतदान प्रतिशत भी चौंकाने वाला हो सकता है। मतदाता सूची में कुल कितने और मतदाता शामिल हुए, इसका पता 10 जनवरी तक ही चल पाएगा।