दर्दनाक: तीन घंटे एंबुलेंस का इंतजार करती रही रास्ते में खड़ी गर्भवती, सड़क पर ही दिया बच्चे को जन्म
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उत्तराखंड के टिहरी में भिलंगना ब्लाक में 108 सेवा की एक बार फिर से पोल खुली है। रात करीब ढाई घंटे बाद भी 108 सेवा के नहीं पहुंचने से प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजन रात करीब 11 बजे जच्चा-बच्चा घर ले गए।
भिलंगना ब्लॉक के ग्राम डामकोट की अनीता देवी (24) पत्नी राजेंद्र सिंह को रविवार रात को प्रसव पीड़ा हुई। वह प्रसव के लिए अपने मायके पदोखा गांव आई थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन अनीता को लेकर गांव की सड़क पर पहुंचे।
अनीता के पिता मंगल सिंह ने रात करीब साढ़े आठ बजे 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस की मांग की, लेकिन 108 सेवा ने स्थानीय एंबुलेंस खराब होने का बहाना बनाकर सेवा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।
क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य दिनेश लाल ने बालगंगा के तहसीलदार मोहन लाल आर्य को 108 सेवा उपलब्ध न होने की शिकायत की। उन्होंने 108 और तहसीलदार के बीच कांफ्रेंस कॉल भी करवाई।
बावजूद 108 सेवा से एंबुलेंस खराब होने के चलते कोई मदद नहीं मिल पाई। तहसीलदार ने स्वयं के स्तर से वाहन की व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन इस बीच रात 11 बजे प्रसव वेदना से कराह रही महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
परिजन अनीता और उसके बच्चे को घर ले गए, लेकिन 108 सेवा की मनमानी ने एक बार फिर से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों ने समय पर 108 सेवा न मिलने पर रोष जताया है।
108 सेवा के प्रभारी ललित मोहन जोशी ने बताया कि घनसाली में तैनात 108 सेवा के टायर खराब होने के कारण पदोखा गांव की प्रसूता को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करावा पाए। गाड़ी में स्टेपनी भी नहीं थी। सरकार ने पुराना भुगतान भी नहीं किया है, जिससे 108 सेवा के वाहनों की मरम्मत नही हो पा रही है।