डाक्टर नहीं आया तो क्लीनिक संचालक ने ही कर दिया महिला का ऑपरेशन, मौत
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डाक्टर के न पहुंचने पर क्लीनिक संचालक ने ही महिला का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले को छुपाने के लिए मृत महिला को एसटीएच हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया गया। शक होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो मौत को खुलासा हुआ। शिकायत पर पुलिस ने तत्काल क्लीनिक संचालक समेत तीन को हिरासत में ले लिया।
काशीपुर बाईपास रोड स्थित मलिक कॉलोनी में एक साल से किराये के दो कमरों में शिवानी सर्जिकल अस्पताल के नाम से क्लीनिक चल रहा है। बताया गया कि क्लीनिक संचालक भानु प्रताप मरीजों के उपचार के लिए किच्छा के दो डाक्टरों को बुलाता है। बृहस्पतिवार को पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची थाना बेरिया जिला बलिया (यूपी) निवासी 60 वर्षीय लक्ष्मी पत्नी श्रीकृष्ण का ऑपेरशन करना था, लेकिन किच्छा से डाक्टर न पहुंचने पर क्लीनिक संचालक ने खुद ही ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतका की बहू संगीता ने बताया लक्ष्मी के पित्त में पथरी थी। एक सप्ताह पूर्व वह अपनी सास लक्ष्मी को बलिया से इलाज के लिए रुद्रपुर लाई थी। शिमला पिस्तौर में उनके रिश्तेदार रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह पेट में दर्द उठने पर वह उसे लेकर शिवानी सर्जिकल अस्पताल पहुंची। जहां मौजूद क्लीनिक संचालक ने लक्ष्मी का तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी और ऑपरेशन का खर्च 17 हजार बताया। लक्ष्मी के अनुसार उसने डॉक्टर को तत्काल 7 हजार रुपए जमा कराए जिसकी रसीद भी उसे दी गई है।
क्लीनिक संचालक ने स्वीकारा सच
शेष 10 हजार रुपए ऑपरेशन के बाद देने को कहा। लक्ष्मी का आरोप है कि करीब ढाई बजे कथित डॉक्टर ने उनसे ऑपरेशन सफल होने की बात कही और मरीज को खून चढ़ाने की सलाह देते हुए तुरंत हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने कहा, जिसके लिए संचालक ने खुद एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई।
एंबुलेंस में लक्ष्मी को ले जाने के दौरान रास्ते में उन्हें संदेह हुआ तो वह उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचे लक्ष्मी के पुत्र ओमप्रकाश ने बताया क्लीनिक संचालक की लापरवाही से उसकी मां की मौत हुई है।
मामले की सूचना मिलने पर एएसपी मंजूनाथ टीसी ने पुलिस की एक टीम जिला अस्पताल भेजी और खुद शिवानी सर्जिकल अस्पताल पहुंच गये, जहां उन्होंने क्लीनिक संचालक के साथ ही दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
एएसपी मंजूनाथ ने पूछताछ के बाद बताया कि क्लीनिक संचालक ने स्वीकार किया है कि वह खुद चिकित्सक नहीं है, बल्कि मरीजों की जांच के लिए किच्छा से दो डॉक्टर बुलाता है। बृहस्पतिवार को जब लक्ष्मी अस्पताल पहुंची और परिजनों ने उसके पित्त में पथरी की बात बताई तो उसने डाक्टर के न आने पर खुद ही ऑपरेशन शुरू कर दिया। एएसपी का कहना कि मामला दर्ज किया जा रहा है।