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तड़प-तड़क मर गई महिला, लेकिन डॉक्टर नहीं आए
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 15 Apr 2015 03:34 PM IST
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हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक महिला की असामयिक मौत हो गई।
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पेट से खून निकलने के कारण महिला ढाई घंटे तक अस्पताल में पड़ी रही, मगर डॉक्टरों ने हाथ तक लगाना उचित नहीं समझा। महिला की आज शादी की सालगिरह थी और वह पति के साथ मंदिर से लौट रही थी।
तीनपानी निवासी पत्रकार तारा चंद्र जोशी अपनी पत्नी किरण जोशी (37) के साथ स्कूटी से रानीबाग से आ रहे थे। गांधी स्कूल के पास ट्रक (यूपी-03-0830) ने ओवरटेक किया। ट्रक की साइड छूने के कारण स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। किरण के पेट से खून निकलने पर उसे निजी वाहन से सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से डाक्टरों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया।
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तारा चंद्र जोशी ने बताया कि सुबह 11.10 मिनट पर वह एसटीएच इमरजेंसी में किरण को लेकर गए। इमरजेंसी में मौजूद डाक्टर शबाना ने मरीज को देखते ही चेस्ट का एक्स-रे और सिर का सीटी स्कैन कराने के लिए लिख दिया।
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किसी भी डॉक्टर ने किरण के पेट से निकल रहे खून को रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि एक्सरे फीस जमा करने के लिए दबाव बनाते रहे। कुछ ही देर बाद इमरजेंसी से पर्चा भी गायब हो गया। दोपहर डेढ़ बजे सीएमएस डॉ. एके पांडेय के निर्देश पर मरीज का इलाज शुरू हुआ और दस मिनट बाद किरण ने दम तोड़ दिया।
उधर, किरण की मौत की खबर मिलते ही मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच, इमरजेंसी में कार्यरत डॉक्टर भी नदारद हो गईं। पुलिस ने ड्यूटी चार्ट, सीसीटीवी फुटेज और मरीज को क्या इलाज दिया गया इससे संबंधित दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। डीएम ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
मरीज के इलाज के लिए मैंने तीन बार फोन किया था। मेरे फोन के बाद ही एमएस इमरजेंसी में मरीज को देखने गए थे, मरीज का इलाज करने में लेटलतीफी हुई है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जो भी डॉक्टर दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करेंगे।
- डॉ. आरसी पुरोहित, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज