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रक्तस्त्राव की हालत में प्रसूता को लेकर अस्पताल में भटकते रहे परिजन, इलाज न मिलने पर तोड़ा दम

Tue, 12 Dec 2017 09:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लालढांग
ब्यूरो/अमर उजाला, लालढांग Updated Tue, 12 Dec 2017 09:53 PM IST
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women death after delivery due to lack of treatment in haridwar

प्रसूता को प्रसव के बाद ब्लीडिंग शुरु हो गई। परिजन उसे लेकर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने महिला की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग में जमकर हंगामा काटा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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मौके पर पहुंचे सीएमओ ने केंद्र पर तैनात एएनएम निलंबित और दाई को हटा दिया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए। जानकारी के अनुसार सोमवार को लालढांग डालूपुरी निवासी महेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी शमला को प्रसव कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग में भर्ती कराया था।
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सोमवार शाम 7 बजे बजे शमला ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद से उसे ब्लीडिंग होने लगी और इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम ने परिजनों को महिला को हरिद्वार ले जाने के लिए कहा।

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अस्पताल में किया हंगामा

women death after delivery due to lack of treatment in haridwar

परिजन उसे हरिद्वार महिला अस्पताल ले आए। जहां तैनात डाक्टर और स्टाफ नर्स ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने शमला को भर्ती करने को कहा। भर्ती नहीं करने पर परिजनों की स्टाफ के साथ नोकझोंक भी हुई।

इसके बाद परिजन शमला को यहां से ले गए, लेकिन जब तक किसी दूसरे अस्पताल पहुंचते उसकी मौत हो गई।  इसके बाद डालूपुरी गांव के ग्रामीण लालढांग स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गए और महिला की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा काटा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र लालढांग में ही प्रसव के दौरान एएनएम ने लापरवाही बरती है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीएमओ को मौके बुलाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने तक शव ले जाने से इनकार कर दिया।

मौके पर पहुंचे सीओ प्रकाश चंद देवली और थानाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने ग्रामीणों को काफी समझाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। सीएमओ डा. अशोक गैरोला ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया।

सीएमओ ने बताया कि महिला अस्पताल हरिद्वार में महिला को भर्ती नहीं करने की जांच बिठा दी गई है। उन्होेंने लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम को निलंबित और दाई को हटा दिया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।

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