क्या हुआ जो जहर की शीशी हाथ में लेकर छत पर चढ़ी महिलाएं, जानें पूरा मामला
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ऐसा क्या हो गया कि चार महिलाएं जहर की शीशी हाथ में लेकर कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की छत पर चढ़ गईं। आगे जानिए पूरा मामला।
दरअसल, राज्य आंदोलनकारी सूची अब तक जारी न किए जाने से नाराज चार महिलाएं जहर की शीशी लेकर कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की छत पर चढ़ गईं। उन्होंने मांग की कि 30 दिसंबर को चयन समिति द्वारा प्रस्तुत किए गए 824 आवेदकों को आंदोलनकारी सूची में शामिल किया जाए।
एसडीएम मौके पर पहुंचे और बताया कि डीएम कोटद्वार में हैं। मंगलवार को डीएम ने उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। आश्वासन के बाद महिलाएं छत से नीचे उतर आई। 30 दिसंबर को राज्य आंदोलन चयन समिति ने जिलाधिकारी के सामने 824 आवेदकों के आवेदन प्रस्तुत किए।
डीएम ने स्वीकृति नहीं दी। इसके बाद एक महिला कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की छत पर चढ़ गई। इसके बाद डीएम ने आंदोलनकारियों को विश्वास दिया कि वह आवेदनों की पड़ताल कर सूची जारी कर देंगे, लेकिन सात दिन बाद भी प्रशासन सूची जारी नहीं कर पाया।
ऐसे में आक्रोशित आंदोलनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सोमवार को शकुंतला देवी, नागी देवी, भगवती व सुषमा देवी जहर की शीशी लेकर निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट की छत पर चढ़ गई।
चेताया कि जब तक डीएम सूची में सभी 824 आवेदन दर्ज नहीं कर देते, तब तक वे छत से नीचे नहीं उतरेंगी। इस बीच एसडीएम किशन सिंह नेगी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि डीएम कोटद्वार में हैं और मंगलवार को वह आंदोलनकारियों से बातचीत करेंगे।
आश्वास के बाद चारों महिलाएं छत से नीचे उतर आई। कलेक्ट्रेट के बाहर वीरा भंडारी, जगमोहन रावत, थामेश्वर प्रसाद कुकरेती, मुन्नी देवी, संपत्ति देवी, कांति देवी, बसंती रौथाण, उर्मिला देवी, दीपा देवी, मंजू देवी छत पर चढ़ी महिलाओं के सर्मथन में नारेबाजी करती रही।