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अस्पताल में नहीं मिला उपचार, महिला ने तोड़ा दम
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तहसील क्षेत्र के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। ज्यादातर अस्पतालों में चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। जिसके चलते मरीजों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। ताजा मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी में सही समय पर उपचार न मिलने के कारण महिला की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार ऊषा देवी(42) पत्नी मोहन सिंह निवासी खारसी को बीते दो दिन से बुखार की शिकायत थी। बुधवार दोपहर 12 बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में जकड़न महसूस होने लगी। जिसके बाद परिजन उन्हें 10 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी लेकर आए। लेकिन यहां पर अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण परिजन उन्हें निजी वाहन से 26 किमी दूर सीएचसी चकराता लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने ऊषा देवी को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट गए। व्यापार मंडजल अध्यक्ष क्वांसी सूर्यपाल सिंह, जोधवीर रावत, मुन्ना सिंह, सरदार सिंह, जयपला सिंह, चतर सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल महज दो वॉर्ड ब्वॉय भरोसे संचालित है। सर्दी, जुकाम जैसी मामूली बीमारी के लिए भी लोगों को चकराता की दौड़ लगानी पड़ रही है। लंबे समय से लोग अस्पताल में चिकित्सक तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग को हर बार अनसुना कर दिया जाता है। जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान खोकर उठाना पड़ रहा है। वहीं सीएचसी प्रभारी चकराता डॉ. रविंद्र चौहान ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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जानकारी के अनुसार ऊषा देवी(42) पत्नी मोहन सिंह निवासी खारसी को बीते दो दिन से बुखार की शिकायत थी। बुधवार दोपहर 12 बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में जकड़न महसूस होने लगी। जिसके बाद परिजन उन्हें 10 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी लेकर आए। लेकिन यहां पर अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण परिजन उन्हें निजी वाहन से 26 किमी दूर सीएचसी चकराता लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने ऊषा देवी को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट गए। व्यापार मंडजल अध्यक्ष क्वांसी सूर्यपाल सिंह, जोधवीर रावत, मुन्ना सिंह, सरदार सिंह, जयपला सिंह, चतर सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल महज दो वॉर्ड ब्वॉय भरोसे संचालित है। सर्दी, जुकाम जैसी मामूली बीमारी के लिए भी लोगों को चकराता की दौड़ लगानी पड़ रही है। लंबे समय से लोग अस्पताल में चिकित्सक तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग को हर बार अनसुना कर दिया जाता है। जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान खोकर उठाना पड़ रहा है। वहीं सीएचसी प्रभारी चकराता डॉ. रविंद्र चौहान ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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