पति को इंसाफ दिलाने से पहले ही मौत की नींद सो गई नूरजहां, दस साल से कर रही थी संघर्ष
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दस साल से अपने मरे हुए पति को इंसाफ दिलाने के लिए दर दर भटक रही महिला इससे पहले ही मौत की नींद सो गई। नूरजहां के पति मोहम्मद इनाम की मौत दस साल पहले सड़क हादसे में हो गई थी। नूरजहां ने इस मामले में ज्वालापुर निवासी राम अवतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
वर्तमान में उक्त मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और शुक्रवार को इस मामले में न्यायालय में नूरजहां के बयान दर्ज होने थे। पुलिस को पता चला है कि पति की मौत के बाद बीमा कंपनी नूरजहां को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये का भुगतान कर चुकी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि नूरजहां का दूसरे पक्ष (राम अवतार) के साथ समझौता हो गया था।
शुक्रवार को वह बयान दर्ज कराने रुड़की (जिला हरिद्वार) से नैनीताल पहुंची एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में होटल के कमरे में मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
संदिग्ध हालत में हुई मौत
रुड़की (तेलीवाला, पाडली गुज्जर रोड) निवासी नूरजहां (45 वर्ष, पत्नी स्वर्गीय मोहम्मद इनाम) बृहस्पतिवार को अपने जेठ और अन्य परिजनों के साथ नैनीताल आई थी। शुक्रवार को उन्हें न्यायालय में पति की मौत से संबंधी वाद में बयान दर्ज कराने थे।
नूरजहां और उसके परिजन मल्लीताल स्थित कोहिनूर होटल में ठहरे हुए थे। रात में भोजन करने के बाद नूरजहां अपने कमरे में चली गई। शुक्रवार सुबह नूरजहां के जेठ उसके कमरे में पहुंचे तो वह वहां बेसुध पड़ी थी।
परिजनों ने एक एंबुलेंस चालक की मदद से नूरजहां को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. अनिरुद्ध गंगोला ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची कोतवाली की उपनिरीक्षक भावना बिष्ट ने मृतका का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भावना बिष्ट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। नूरजहां के जेठ और उनके साथ आए सभी लोगों से पूछताछ की गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा और उसके बाद ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।