फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   wildfire broke out in uttarakhand pithoragarh on summers rare Herbs burn

उत्तराखंड: जंगलों में विकराल हो रही आग, वन संपदा समेत कई दुर्लभ जड़ीबूटियां जलकर हो गई खाक

Fri, 25 May 2018 10:46 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 25 May 2018 10:46 PM IST
विज्ञापन
wildfire broke out in uttarakhand pithoragarh on summers rare Herbs burn
fire

तापमान आसमान पर है। ऐसे में पहाड़ में तपन बढ़ने के साथ जंगलों की आग धीरे-धीरे विकराल होने लगी है। चंपावत जिले के जंगलों में लगी आग से 60 हेक्टयर से अधिक वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।

विज्ञापन


पिथौरागढ़ के नाचनी, थल सहित काफी बड़े क्षेत्रों में आग लगी है। आग से बीते 24 घंटों में आठ हेक्टेयर जंगल स्वाहा हो गए हैं वहीं अल्मोड़ा जिले के पांडवखोली, भटकोट के जंगलों में कई जीवनदायिनी जड़ी, बूटियां इस दवानल की चपेट में आकर नष्ट हो गई हैं।
विज्ञापन


चंपावत और बागेश्वर के आसमान पर छाई धुंध जंगलों में लगी आग की भयाहवता दर्शा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण वन विभाग उदासीन बना हुआ है, ऐसे में साधन विहीन ग्रामीण इन लपटों पर कैसे काबू पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

wildfire broke out in uttarakhand pithoragarh on summers rare Herbs burn
fire
रानीखेत के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पांडवखोली, भटकोट के जंगलों में कई जीवनदायिनी जड़ी, बूटियां नष्ट हो रही हैं। भीड़पानी के नीचे चांचरी जंगल सहित अनेक स्थानों पर आग लगी है।

नाड़, गवाड़ वन पंचायत आग की भेंट चढ़ चुके हैं। आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुंध छाई है। इधर, ताड़ीखेत ब्लॉक के विशालकोट, मल्ला मयूं, मटेला मंडलकोट, तिपौला, सुकोली, मुसोली के जंगल जल चुके हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश करायत का कहना है कि वन विभाग के प्रतिनिधि झांकने तक नहीं पहुंचे हैं। उधर अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के जंगलों में बृहस्पतिवार को भी कई जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। अल्मोड़ा के फलसीमा के पास सुंदरवन क्षेत्र, विश्वनाथ के जंगलों में आग लग गई। गनीमत यह रही कि बृहस्पतिवार सुबह आग खुद ही बुझ गयी। उधर बागेश्वर के कांडा, विजयपुर क्षेत्र के जंगलों और बृहस्पतिवार दोपहर जिला मुख्यालय से सटे आरे क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई।
 

wildfire broke out in uttarakhand pithoragarh on summers rare Herbs burn
wildfire - फोटो : amarujala

कपकोट क्षेत्र में भी कई जंगल आग की चपेट में हैं। ऊंची चोटियों स्थित चीड़ के वनों में लगी आग पर नियंत्रण पाना वन विभाग के लिए भी कठिन साबित हो रहा है। धुंध के कारण बृहस्पतिवार को दृश्यता सौ मीटर रही। डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चंपावत के पाटी विकासखंड के जंगलों में सातवें दिन भी आग धधकी रही।

रानीचौड़ रोड के ऊपरी इलाके, फटकशिला और बलदीकिला के बीच जंगल, परेवा, किमाडीधार, मैराली, लडा के जंगलों में भीषण आग लगी है। वन दरोगा सीएस जोशी ने बताया कि जंगलों में आग लगने से करीब 60 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। पिथौरागढ़ जिले के नाचनी से लगे घट-घोड़गाड़ी क्षेत्र में बीती रात से लगी आग में चार हेक्टेयर जंगल तबाह हुआ है।

यहां जंगल की आग हरडिय़ा की सीमा पार कर भैसखाल वन पंचायत तक पहुंची और एक हेक्टेयर जंगल को बर्बाद कर डाला। वन बीट अधिकारी रमेश लोडियाल ने विभागीय टीम और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। इधर थल क्षेत्र से लगे आमथल का जंगल रातभर धू-धू कर जलता रहा। उडियारी बैंड, हजैती गांव में भी आग की लपटें पहुंची। तीन हेक्टेयर से अधिक जंगल को नुकसान पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी जगदीश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पहुंची वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आग को शाम को नियंत्रित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed