फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   West Bengal Mountaineer Died on Madmaheshwar trekking route uttarakhand

उत्तराखंड: पश्चिम बंगाल के नौ पर्वतारोही पनपतिया ग्लेशियर में फंसे, एक की मौत, रेस्क्यू जारी

Wed, 13 Jun 2018 08:01 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 13 Jun 2018 08:01 PM IST
विज्ञापन
  West Bengal Mountaineer Died on Madmaheshwar trekking route uttarakhand
Mountaineer Died
चमोली जिले के लामबगबड़ खीरों नदी क्षेत्र से पनपतिया की ट्रैकिंग पर निकले पश्चिम बंगाल के 23 सदस्यीय दल में शामिल एक युवा ट्रैकर की ठंड लगने से मौत हो गई। दल के 13 लोग अभी भी सजल सरोवर के पास फंसे हुए हैं। इन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए दो रेस्क्यू टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं।
विज्ञापन


पश्चिम बंगाल के नौ ट्रैकर, 12 पोर्टर और दो गाइड पांच जून को लामबगड़ के खीरों नदी क्षेत्र से पनपतिया-मद्महेश्वर-गौंडार-रांसी के लिए रवाना हुए थे। इस दल को आज 13 जून को रांसी पहुंचना था, लेकिन ट्रैक लंबा और कठिन होने से दल 11 जून तक सजल सरोवर के पास तक ही पहुंच पाया। यहां दल में शामिल सीनियर इंजीनियर अरुण कुमार दास (35) निवासी रेलवे कालोनी, बेलूर, जिला हावड़ा (पश्चिम बंगाल) की ठंड लगने से मौत हो गई।
विज्ञापन


इसके बाद 22 सदस्यीय दल मृतक अरुण दास के शव को लेकर आगे बढ़ते हुए आशिकी ताल तक पहुंचा, लेकिन खराब मौसम और अत्यधिक बर्फ के कारण दल आगे नहीं बढ़ सका। फिर ट्रैकर उत्पल शाह व सौमिक नंदी और पोर्टर दीपक व शिशपाल ने किसी प्रकार मंगलवार अपराह्न तीन बजे तक मद़्महेश्वर पहुंचकर रेलवे विभाग के दिल्ली स्थित मुख्यालय को पूरी घटना से अवगत कराया और देर रात ऊखीमठ पहुंचने पर उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान को भी पूरी जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

  West Bengal Mountaineer Died on Madmaheshwar trekking route uttarakhand
demo pic

इधर, रेलवे प्रशासन की ओर से रुद्रप्रयाग पुलिस कंट्रोल रूप को घटना के बारे में बताया गया। पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने मंगलवार शाम थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में 13 सदस्यीय रेस्क्यू टीम गठित की। बुधवार को देहरादून से भी एसडीआरएफ के छह जवान गुप्तकाशी पहुंचे। इन दोनों टीमों के 19 सदस्यों को पांच शिफ्टों में गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से मद्महेश्वर के ऊपरी तरफ बूढ़ाकेदार हेलीपैड पर छोड़ा गया। उप जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि 13 सदस्यीय पहला रेस्क्यू दल कातिनी तक पहुंच चुका है।

पांच लोग मद्महेश्वर पहुंचे
उप जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि आशिकी ताल में फंसे 18 सदस्यीय दल में शामिल पांच लोग (तीन ट्रैकर और 2 पोर्टर) शाम 4 बजे तक मद्महेश्वर पहुंच चुके हैं। अब, आशिकी ताल में पांच ट्रैकर्स और 8 पोर्टर रह गए हैं।

दल में शामिल अन्य ट्रैकर्स
-सौमिक नंदी (34) पुत्र भूपाल चंद्र नंदी, निवासी बांसवेरिया, कुंड लेन, पीएस-मोगरा, जिला हुगली (प. बंगाल),
उत्पल शाह (45) पुत्र स्व. छोरी पदो शाह, निवासी शीतला तला, पीओ सापोईपारा, निश्चिदा हावड़ा, अनाथ बंधु जाना,
सौरव सिन्हा, सैकत मन्ना,  संदीप सनुई, सकुमार, अनिन्ह्या शाहू।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed