{"_id":"64fa2fa26094c8ed8d0fbaa6","slug":"were-trying-to-send-tiger-skin-and-bones-to-china-via-nepal-dehradun-news-c-5-drn1005-239958-2023-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: नेपाल के रास्ते चीन भेजने की फिराक में थे बाघ की खाल और हड्डियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: नेपाल के रास्ते चीन भेजने की फिराक में थे बाघ की खाल और हड्डियां
विज्ञापन
बाजपुर में बाघ की दो खाल और हड्डियों के साथ पकड़े गए तीन तस्करों का संबंध जुलाई में पकड़े गए सात तस्करों से है। एसटीएफ के अनुसार तस्कर खालों और हड्डियों को नेपाल के रास्ते चीन भेजने की फिराक में थे। वन्य जीव तस्करों का नेटवर्क उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ है। एसटीएफ तस्करों से पूछताछ में जुटी हुई है।
एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली और तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के साथ मिलकर तीन शातिर वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से बाघ की दो खाल और करीब 35 किलो हड्डियां बरामद की हैं। गिरफ्तार तस्करों की पहचान शमशेर, कुलविंदर और जोगा सिंह निवासी शिव कॉलोनी सर्वर खेड़ा ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि तस्कर खाल और हड्डियों को काशीपुर से लाए थे और बेचने के लिए रुद्रपुर ले जा रहे थे।
बताया कि तीनों कुख्यात वन्यजीव तस्कर हैं और काफी समय से उत्तराखंड व सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। जुलाई में बाघ की खाल के साथ जिन सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया था, तीनों उसी गैंग से जुड़े हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि तस्कर नेपाल के रास्ते खाल और हड्डियों को चीन भेजने के फिराक में थे।
विज्ञापन
कहा कि तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने बाघों को कहां, कैसे और कब मारा, कहां से लाए और किसको देने वाले थे।
विज्ञापन
एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली और तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के साथ मिलकर तीन शातिर वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से बाघ की दो खाल और करीब 35 किलो हड्डियां बरामद की हैं। गिरफ्तार तस्करों की पहचान शमशेर, कुलविंदर और जोगा सिंह निवासी शिव कॉलोनी सर्वर खेड़ा ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि तस्कर खाल और हड्डियों को काशीपुर से लाए थे और बेचने के लिए रुद्रपुर ले जा रहे थे।
विज्ञापन
बताया कि तीनों कुख्यात वन्यजीव तस्कर हैं और काफी समय से उत्तराखंड व सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। जुलाई में बाघ की खाल के साथ जिन सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया था, तीनों उसी गैंग से जुड़े हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि तस्कर नेपाल के रास्ते खाल और हड्डियों को चीन भेजने के फिराक में थे।
विज्ञापन
कहा कि तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने बाघों को कहां, कैसे और कब मारा, कहां से लाए और किसको देने वाले थे।