फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   weather update next four days very dangerous for uttarakhand six days

उत्तराखंडः अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

Tue, 13 Aug 2019 10:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 13 Aug 2019 10:43 AM IST
विज्ञापन
weather update next four days very dangerous for uttarakhand six days
- फोटो : अमर उजाला

प्रदेश के सात जिलों में अगले चार दिन भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते मैदान के निचले इलाकों में बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन भी हो सकता है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। 

विज्ञापन


मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार मंगलवार 13 से सोमवार 19 अगस्त तक राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पौड़ी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का अनुमान है। विभाग ने इस दौरान मैदानी क्षेत्रों के निचले इलाके में बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। 
विज्ञापन


मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने राज्य सरकार को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों और मैदानी क्षेत्रों के निचले इलाकों में रहने वालों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नदियों व झरनों के किनारे पिकनिक न करें - मुख्यमंत्री

भारी बारिश से प्रदेश में हो रही जान माल की हानि पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रशासन को व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ युवाओं को सलाह दी है कि नदियों व झरनों के किनारे पिकनिक करने से बचें। दो युवाओं के बहने की घटना के बाद उन्होंने यह सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने चमोली के घाट में अतिवृष्टि से हुई जनहानि पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। 

मुख्यमंत्री रावत ने जिलाधिकारी चमोली को राहत व बचाव कार्य तेजी से करने व प्रभावितों को अनुमन्य आर्थिक सहायता के साथ अन्य राहत तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए है। चमोली प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, राजस्व व आपदा की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाई गई है। घूमने गए दो छात्रों के बह जाने की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात में नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इसका अनुमान लगाना बेहद कठिन होता कि पानी कितनी तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में बरसात के मौसम में लोग विशेष रूप से युवाओं से अपील है कि पिकनिक आदि के लिए नदियों, झरनों के समीप न जाएं।

बारिश से प्रदेश में 114 सड़कें बंद, खोलने में जुटा लोनिवि

भारी बारिश के चलते प्रदेश भर में 114 सड़कें बंद पड़ी हैं। हालांकि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग कोे छोड़कर शेष सभी राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हैं। लेकिन गांवों को जोड़ने वाले कई मोटर मार्गों को खोलने में लोक निर्माण विभाग को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है।

विभागीय मशीनरी हर दिन एक हजार से अधिक सड़कों को खोलने का काम कर रही है और हर दिन इससे अधिक संख्या में सड़कों पर मलबा और बोल्ड़र आ रहे हैं। अगले पांच दिनों में मौसम के तीखे तेवरों को देखते हुए विभागीय मुख्यालय की ओर से फील्ड में तैनात अभियंताओं को खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 
  
जनपद क्षेत्र  बंद सड़कें
टिहरी         14
देहरादून     02
पौड़ी         32
पिथौरागढ़ 04
अल्मोड़ा 04
लोनिवि 56
एडीबी        01
एनएच        01
पीएमजीएसवाई56
.............................
कुल योग        114 
..............................

प्रमुख सड़कें जो बंद हैं
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड एनएच- बांसवाड़ा में
पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग, सलाणा में
थराली-देवाल-मुंदोली वन मोटर मार्ग
देवाल-कंडई मोटर मार्ग
घाट-रामणी मोटर मार्ग
गुप्तकाशी-कालीमठ मोटर मार्ग
तवाघाट- नारायणआ श्रम मोटर मार्ग
मुंदोली-वाण मोटर मार्ग

घरों में घुसा बारिश का पानी, संपर्क मार्ग जलमग्न

सोमवार की सुबह कुछ घंटे हुई तेज बारिश के रायवाला में हाईवे किनारे बसे आबादी क्षेत्र में जलभराव हो गया। करीब एक दर्जन घरों में बरसात का पानी घुस गया। इसके साथ ही संपर्क मार्ग पुरी तरह जलमग्न हो गए। पीड़ित परिवारों ने हाईवे निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी पर नाली निकासी का निर्माण मानकों के विपरीत किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। रायवाला क्षेत्र में हाईवे किनारे बसे खांडगांव, नई बस्ती, राव विहार कॉलोनी, वैदिकनगर, खेल मैदान और हाठ बाजार क्षेत्र की आबादी नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खमियाजा भुगतने को मजबूर हैं।
 
पीड़ित परिवारों में कमल कुमार, अनिता पांचाल, मुकेश, अमर सिंह, रिजवान, गोपाल शर्मा आदि ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने हाईवे के साथ-साथ किनारों पर निकासी नाली का जो निर्माण कराया है उसकी उचित निकासी नहीं दी गई है। जो इस क्षेत्र की आबादी के लिए हर बरसात में मुसीबत का सबब बन रहा है। ऊपरी क्षेत्र जंगल से आने वाला बरसात का पानी हाईवे किनारों पर बनी निकासी नालियों से आबादी क्षेत्र में एकत्र हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र की सड़कें जलमग्न और घरों में पानी घुसने की समस्या आम हो गई है। हाईवे प्रशासन की इस लापरवाही के खिलाफ मुखर होकर सोमवार को पीड़ित परिवारों ने जमकर अपना गुस्सा उतारा। इसके बाद एजेंसी की ओर से मशीन उपलब्ध कराकर कई स्थानों पर जलभराव की निकासी कर समाधान कराया। 

यही हाल वैदिक नगर क्षेत्र में भी रहा। यहां भी जलभराव के चलते कई घरों में बरसात का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचायत सदस्य सतपाल सैनी ने बताया कि करीब दर्जन भर घर जलमग्न हो गये। समस्या के उचित समाधान को लेकर उपप्रधान दीवान सिंह चौहान ने व्यापारियों और पीड़ित परिवारों के साथ बैठक कर एजेंसी की ओर से नाली निकासी कार्य में बरती गई लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उक्त समस्या को लेकर शासन-प्रशासन और हाईवे के उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का निर्णय लिया।

रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, दो घंटे देरी से पहुंची ट्रेन 

मोतीचूर-रायवाला रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से सोमवार को दो घंटे की देरी के साथ बाड़मेर से ऋषिकेश तथा हरिद्वार-ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन रेलवे स्टेशन पहुंची। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जमघट लगा रहा। सावन मास का अंतिम सोमवार होने के चलते अन्य शहरों से लोग नीलकंठ महादेव के दर्शन को पहुंचे। दर्शन करने के बाद सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालु रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां हरिद्वार से ऋषिकेश आने वाली गाड़ी संख्या 54483 पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय 11 बजकर 20 मिनट पर नहीं पहुंची। इस पर कई श्रद्धालुओं का पारा चढ़ गया।

उन्होंने स्टेशन मास्टर आशीष से पूछताछ की। स्टेशन मास्टर ने हरिद्वार फोन कर वार्ता की तो पता चला ट्रेन हरिद्वार से अभी चली ही नहीं है। स्टेशन मास्टर ने श्रद्घालुओं को बताया कि पैसेंजर ट्रेन से पहले बाड़मेर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 24888 भी अपने निर्धारित समय 10 बजकर 30 मिनट पर नहीं पहुंची है, वह मोतीचूर जंक्शन पर खड़ी है। इसका कारण मोतीचूर-रायवाला ट्रैक पर पानी भर जाना है। इसके बाद श्रद्घालुओं को दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। स्टेशन मास्टर के मुताबिक रविवार को बाड़मेर एक्सप्रेस दो घंटे की देरी के साथ 12 बजकर 30 मिनट पर पहुंची। इसी तरह पैसेंजर ट्रेन भी दो घंटे के बाद दोपहर एक बजे पहुंची। इस पैसेंजर ट्रेन को 20 मिनट के बाद चलाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed