फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Weather Forecast Today Update in Uttarakhand: heavy rain in pithoragarh and chamoli, debris covered village, one woman died

उत्तराखंड: चमोली में फटा बादल, पिथौरागढ़ में मलबे में दबा गांव, एक महिला की मौत, एक लापता

Tue, 28 Jul 2020 08:51 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 28 Jul 2020 08:51 PM IST
विज्ञापन
Weather Forecast Today Update in Uttarakhand: heavy rain in pithoragarh and chamoli, debris covered village, one woman died
मलबे से पट गया लुमती गांव - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में सोमवार रात हुई भारी बारिश से बर्बादी का आलम पसर गया है। यहां कई घर मलबे में दफन हो गए हैं। बीआरओ का पुल टूट गया है। कई घरों में बरसात का पानी घुस गया है। जीबली गांव में एक महिला लापता बताई जा रही है।

विज्ञापन


Uttarakhand Weather Update : आगामी 30 जुलाई तक राज्य में ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज
विज्ञापन


चमोली जिले के पडेर गांव में भारी बारिश के दौरान मंगलवार को तड़के साढ़े तीन बजे बादल फटने से दो मकान और दो गोशाला जमींदोज हो गई। एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि मृतका का पति व 13 वर्षीय किशोरी घायल हो गए। घटना में 14 बकरी, दो गाय और दो बैल भी मलबे में दब गए। भारी बारिश होने पर पड़ेर गांव और बूरा गांव के ग्रामीणों में रातभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन की टीम पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मलबे में दबी महिला का शव निकाल लिया था। उसका शव घर से करीब बीस मीटर दूर मलबे में दबा मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे से घाट क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हुई, जो रातभर होती रही। मंगलवार को तड़के करीब साढ़े तीन बजे चिमदों तोक के जंगल में बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा और पानी पडेर गांव की छानियों में आ घुसा, जिससे रघुवीर सिंह (40) पुत्र गबर सिंह का मकान मलबे में दब गया। घर में मलबा घुसने पर रघुवीर सिंह व उसकी पुत्री प्रीता (13) कमरे से बाहर भाग गए, लेकिन रघुवीर की पत्नी देवेश्वरी देवी (36) मलबा कमरे में घुस जाने के कारण बाहर नहीं आ पाई और मलबे में दब गई।

बादल फटने से एक महिला की मौत

मलबे के साथ पानी इतना तेज आया कि महिला का शव कुछ दूर बह गया। रघुवीर और प्रीता भी घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घाट में भर्ती कराया गया है। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि वहीं बूरा गांव के गैणा राम का मकान और गोशाला भी जमींदोज हो गए। गैणा रामदरकने की आवाज सुनते ही घर से बाहर भागे, लेकिन मवेशियों को नहीं निकाल सके। उनकी एक गाय, एक बैल व सात बकरी मलबे में दब गई।

जबकि किराना राम की छह बकरी, एक बैल व एक गाय मलबे में दबी हैं। ग्रामीण यशपाल सिंह, खिलाप सिंह व पान सिंह के घरों में भी मलबा घुसा, जिससे खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामग्री नष्ट हो गई। वहीं घाट-रामणी मार्ग सुंग गांव के समीप बंद होने से घाट तहसील की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाई, जिससे ग्रामीणों ने ही मलबे में दबी महिला की खोज की और शव को निकाला।

भारी बारिश से गलाती में तीन मकानों में घुसा पानी

धारचूला तहसील मुख्यालय में देर रात भारी बारिश हुई। गलाती गांव में गलाती गाड़ का पानी कुछ घरों में घुस आया। लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।

घटना की जानकारी पूर्व प्रधान रमतोली गीता देवी ने प्रशासन को दी। गलाती गाड़ के उफान से लोग डरे और सहमे हैं।

लुमती गांव भी मलबे से पट गया है। फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं है। जारा जीबली में एक महिला हीरा देवी (45) साल लापता बताई जा रही है।

पिथौरागढ़ में भूस्खलन में मकान जमींदोज, मां-बेटे सहित तीन की मौत

रविवार रात को सीमांत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से बंगापानी तहसील के धामीगांव में हुए भूस्खलन से एक मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में दबने से मां-बेटे और तेजम तहसील के गूंठी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई थी।

एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला। मौसम के कहर से मुनस्यारी और धारचूला विकासखंडों के लोग भयभीत हैं। जिले में बारिश से 21 सड़कें बंद चल रही हैं।

रविवार रात पहाड़ी से हुए भूस्खलन से बंगापानी के धामीगांव के भ्यूला तोक में विशन देवी का मकान मलबे के साथ बह गया था। इस घटना में 55 वर्षीय विशना देवी पत्नी हयात सिंह और जवाहर सिंह पुत्र हयात सिंह मलबे में दबने से मौत हो गई।

40 बकरियां, दो भैंस, दो बैल, दो गाय और एक कुत्ता भी मलबे में दफन हो गए। तेज बारिश के शोर के कारण रात को घटना का पता नहीं चल सका। सुबह होने पर जब लोग घरों से बाहर निकले तो मकान की जगह खाई बनी हुई थी।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पैदल जाना पड़ा

क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत सिंह मेहरा और प्रधान कुमेर राम आर्या ने इसकी सूचना पुलिस और तहसील प्रशासन को दी। मलबे के कारण सड़कें बंद होने से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पैदल गांव तक जाना पड़ा।

पुलिस टीम के साथ एनडीआरएफ के जवान सुबह 10 बजे धामी गांव पहुंचे। इसके बाद मौके पर रेस्क्यू चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जवाहर सिंह का शव बरामद हो सका, जबकि विशना देवी की मलबे में तलाश जारी थी।

धारचूला के उपजिलाधिकारी एके शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उधर, सोमवार सुबह बांसबगड़ घाटी के गूंठी गांव में पहाड़ी से भूस्खलन की चपेट में आने से घर से कुछ दूर पानी भरने जा रही जानकी देवी (37 वर्ष) पत्नी भूपाल सिंह की मलबे और बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed