Uttarakhand Weather: बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन जारी, दूसरे दिन भी बंद रही केदारनाथ यात्रा, 400 यात्री रोके
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बदरीनाथ हाईवे रविवार को दिनभर खुलता और बंद होता रहा। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ ही बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लामबगड़ में हाईवे दोपहर में सुचारु हुआ, लेकिन फिर दोपहर बाद चट्टान से मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही थम गई।
बीती रात को हुई भारी बारिश के चलते करीब दो बजे रात पागलनाला, लामबगड़ और कंचन गंगा में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए, जिससे रविवार सुबह से ही वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही। एनएच की जेसीबी मशीनों ने सुबह छह बजे से हाईवे को खोलने काम शुरू किया तो सुबह नौ बजे तक वाहनों की निकासी शुरू हो गई, लेकिन पूर्वाह्न ग्यारह बजे छिनका में हाईवे पर बोल्डर आने से यातायात रुक गया।
यहां अपराह्न तीन बजे हाईवे को सुचारु किया जा सका, लेकिन साढ़े तीन बजे फिर लामबगड़ में मलबा आने से हाईवे अवरुद्ध हो गया। दिनभर हाईवे पर अलग-अलग जगहों पर यातायात बाधित होता रहा। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लामबगड़ में बारिश से हाईवे को सुचारु रखना चुनौति बना हुआ है। मौसम सामान्य होने पर यहां वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।
केदारनाथ पैदल मार्ग अवरुद्ध, दो सौ यात्री रोके
भूस्खलन से क्षतिग्रस्त गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। इस दौरान केदारनाथ यात्रा का संचालन भी ठप रहा। जिले समेत बाहरी क्षेत्रों से आए चार सौ से अधिक श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग व गौरीकुंड में रोका गया है। प्रशासन से सोमवार दोपहर तक पैदल मार्ग खुलने की उम्मीद जताई है।
गौरीकुंड से लगभग पांच सौ मीटर आगे पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग बीते शनिवार सुबह अवरूद्ध हो गया था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि द्वारा रास्ते को दुरस्त करने के लिए 12 से अधिक मजदूर लगाए गए हैं। लेकिन रविवार को भी पहाड़ी से दो बार भारी भूस्खलन होने से दोबारा मलबे का ढेर लग गया। यहां पर 25 मीटर पुश्ता भी ध्वस्त हो रखा है।
रास्ते के अवरूद्ध होने के कारण बाबा केदार की यात्रा दूसरे दिन भी बंद रही। प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग में 250 व गौरीकुंड में 150 से अधिक श्रद्धालु रोके गए हैं। सोनप्रयाग में तैनात कानून-गो एमएल अंजवाल ने बताया कि पैदल मार्ग अवरूद्ध होने के चलते दूसरे दिन भी केदारनाथ के लिए किसी यात्री का पंजीकरण नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों के चलते किसी भी यात्री को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
साथ ही पैदल मार्ग पर संवेदेनशील स्थानों पर एसडीआरएफ व डीडीआरएफ के जवान तैनात किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को कई दिक्कत नहीं हो। इधर, डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि प्रभावित जगह पर बार-बार भूस्खलन से मलबा सफाई में दिक्कत हो रही है। सोमवार सुबह तक मलबा साफ कर रास्ता आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। जबकि पुश्ता निर्माण में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
अति संवेदनशील बना हुआ पैदल मार्ग
क्षेत्र में आए दिन हो रही तेज बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग भीमबली में भी खतनाकर बना है। यहां पहाड़ी से बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। जबकि रामबाड़ा से छानी कैंप के बीच दो-तीन स्थानों पर मलबा गिरने आवाजाही में समस्या हो रही है। भले ही कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा साफ किया जा रहा है।
सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
प्रदेश के सात जिलों में रविवार को कई स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम केंद्र के अनुसार राजधानी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा प्रदेश में कई जगह आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि रविवार को राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में भी कई जगह भारी बारिश हो सकती है।