फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   water source of the river Saraswati.

महल के नीचे दबा है सरस्वती नदी का गहरा 'राज'

Fri, 08 May 2015 03:11 PM IST
अंकित कुमार गर्ग / अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग / अमर उजाला, रुड़की Updated Fri, 08 May 2015 03:11 PM IST
विज्ञापन
water source of the river Saraswati.

नासा के सेटेलाइट चित्रों से जैसलमेर में प्राचीन जल के चैनल होने की जो बात उभरकर सामने आई थी। उसका अहसास किसी न किसी रूप में 1940 में जैसलमेर रियासत के दीवान और बाद में पटियाला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने नंद किशोर गोदानी को हो गया था।

विज्ञापन


रुड़की स्थित अपने पुत्र से साझा की गई बात पर यकीन किया जाए तो महल के कुएं के नीचे सरस्वती के जल का स्रोत है।
केएलडीएवी पीजी कॉलेज रुड़की के पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. वीके महेश्वरी के पिता जैसलमेर रियासत में दीवान थे।

रियासत में पानी के लिए बनी बावड़ी (तालाब) ही लोगों की जलापूर्ति का एकमात्र साधन था। जबकि राजा और रानी महल स्थित एक कुएं के पानी का इस्तेमाल करते थे।

विज्ञापन

कुएं में बह रही थी नदी की तेज धारा

water source of the river Saraswati.

यह कुआं काफी गहरा था और अंधेरे के कारण इसमें कुछ दिखाई नहीं देता था। रस्सियों और घड़ों के जरिए इसमें पानी खींचकर निकाला जाता था।

डॉ. महेश्वरी ने बताया कि उनके पिता ने कुएं की थाह नापने के लिए एक सेवक टोकरी में बैठकर कुएं में भेजा। बाहर आने पर उसने बताया कि कुएं में पानी ठहरा हुआ नहीं था, बल्कि इसमें नदी के तेज धारा की तरह पानी एक ओर से दूसरी ओर बह रहा था।

इस पर दीवान को कुएं के नीचे किसी नदी के स्रोत का अहसास हुआ। डॉ. महेश्वरी के अनुसार यह बात 1940 के आसपास की रही होगी, जो उनके पिता ने उन्हें सहारनपुर में प्रवास के रियासत से जुड़े कई किस्से बया करते हुए बताई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed