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ऐसा पर्यटन स्थल जहां पीने का पानी ही नहीं
अमर उजाला, चंबा
Updated Sun, 29 Dec 2013 06:45 PM IST
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एक ओर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मसूरी कॉर्निवल पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मसूरी से लगे धनोल्टी में पर्यटकों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है।
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धनोल्टी को प्रकृति ने नेमतों से नवाजा है, लेकिन विकास के मोर्चे में इस क्षेत्र की उतनी ही उपेक्षा हुई है। बुनियादी सुविधाओं में पेयजल हो या स्वास्थ्य व अन्य सेवाएं ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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नए साल पर संकट
पर्यटकों की पसंदीदा जगह में से एक इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल की समस्या आज भी मुंह बाएं खड़ी है। नव वर्ष के स्वागत के लिए धनोल्टी भी तैयार और होटल व्यवसायियों को बड़ी उम्मीद है, लेकिन इन्हें पानी की चिंता सता रही है।
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टैंकर से होती है जलापूर्ति
व्यापारी किसी तरह टैंकरों से जलापूर्ति कराने को मजबूर हैं। जिसकी उन्हें अच्छी खासी कीमत चुकानी पड़ रही है। मशहूर पर्यटन स्थल में स्वास्थ्य सेवा भी बदहाल है।
पिछले दिनों एक पर्यटक की रात के समय तबियत खराब होने पर उसे प्राथमिक उपचार लेने के लिए मसूरी ले जाना पड़ा। ऐसे में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को मजबूरन रात्री विश्राम के लिए मसूरी और देहरादून जाना पड़ता है।
सरकार नहीं दे रही ध्यान
धनोल्टी व्यापार मंडल अध्यक्ष पदम सिंह कठैत और अमेंद्र बिष्ट का कहना है, कि सरकार पर्यटन व्यवसाय बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े आयोजनों में फिजूल खर्ची के बजाए सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित करे तो फायदा मिल सकता है।
धनोल्टी ईको पार्क के सचिव देवेंद्र रावत ने कहा कि नव वर्ष को देखते हुए पार्क में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन पेयजल किल्लत के कारण व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।