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जर्मन तकनीक द्वारा कूड़े से रोशन होगा उत्तराखंड

Thu, 29 Oct 2015 01:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 29 Oct 2015 01:32 PM IST
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waste to energy plan accepted in uttarakhand.

सिडकुल बोर्ड की बैठक में रुड़की में स्थापित होने वाले वेस्ट टू एनर्जी बिजली परियोजना को मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव राकेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंड़ी दे दी गई। इस परियोजना से गढ़वाल के ही करीब 18 नगर निकाय जुड़ेंगे।

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कूड़े से बिजली बनाने वाले संयंत्र की महत्वाकांक्षी योजना सिरे चढ़ गई है। बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सिडकुल बोर्ड की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई।
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जर्मन की तकनीक पर आधारित ’वेस्ट टू एनर्जी’ इस परियोजना की पहली इकाई हरिद्वार जनपद के रुड़की के आसपास स्थापित होगी। बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन एस.रामास्वामी, प्रमुख सचिव ऊर्जा उमाकांत पंवार व एमएसएमई मनीषा पंवार, शहरी विकास के सचिव डीएस गर्ब्याल, एमडी आर राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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ये निकाय जुड़ेंगे परियोजना से
इस परियोजना से सबसे पहले रुड़की जुड़ेगा। रुड़की के बाद मंगलौर, लंढौरा, भगवानपुर, झबरेड़ा, लक्सर, हरिद्वार, भेल (हरिद्वार), शिवालिकनगर, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, नरेंद्रनगर, डोईवाला, देहरादून, हरबर्टपुर, विकासनगर और मसूरी को जोड़ा जाएगा। इन सब शहरों से प्रतिदिन करीब साढ़े पांच सौ मीट्रिक टन कचरा निकलता है।

यूपीसीएल को बेची जाएगी बिजली

waste to energy plan accepted in uttarakhand.

मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि शहर का कूड़ा एकत्र कर सिंथेटिक गैस में बदला जाएगा। इस गैस को विद्युतीय ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा। इससे पैदा होने वाली बिजली यूपीसीएल ग्रिड में दी जाएगी। इसका इस्तेमाल कुकिंग गैस के रूप में भी किया जा सकता है।

पहाड़ में मिनी इंडस्ट्रीयल एस्टेट बनेंगे
सिडकुल बोर्ड की बैठक में यह भी फैसला हुआ कि पर्वतीय क्षेत्रों में मिनी इंडस्ट्रियल एस्टेट विकसित किए जाएंगे। हर्षिल, नौगांव, पुरोला को एप्पल चेन के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। भिकियासैंण, मुनस्यारी, बेतालघाट आदि स्थानों पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई और कोल्ड स्टोरेज लगाने की दिशा में काम चल रहा है।

बोर्ड ने सेलाकुई में सेंटर फॉर एरोमेटिक प्लांट के लिए 3 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित करने, सितारगंज औद्योगिक क्षेत्र फेज-टू में 132 केवी सब स्टेशन लगाने, औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए हुडको से वित्तीय सहायता लेेने की मंजूरी दी है।

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