चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं तो सावधान, पढ़ें यह चेतावनी
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खराब मौसम एक बार फिर चारधाम यात्रा को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पांच जुलाई की शाम से चारधाम से जुड़े इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगह और मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
केदारनाथ की यात्रा सात दिनों के बाद और बदरीधाम व हेमकुंड साहिब की यात्रा दो दिनों के बाद बृहस्पतिवार को बहाल हो पाई। इन दिनों भारी बारिश और खराब रास्तों के चलते यात्रा बंद रही। अब एक बार फिर चारधाम यात्रा पर बारिश का साया पड़ने वाला है। पांच जुलाई की शाम से 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इस दौरान कई जगहों पर भूस्खलन का भी खतरा जताया गया है। ऐसे में यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को एडवाइजरी भेज दी है, ताकि स्थानीय प्रशासन बारिश से निपटने के लिए हरसंभव तैयारी कर सके।
मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि देहरादून में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में गर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
नदियों के नजदीक न जाएं, हो सकता है खतरा
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी पर उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने भी अलर्ट जारी किया है। जलस्तर बढ़ने की आशंका पर लोगों से नदियों के नजदीक नहीं जाने की अपील की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश से नदियों में पानी बढ़ जाएगा। परियोजना की झीलों में जलस्तर बढ़ेगा।
परियोजना और आसपास के क्षेत्रों को बचाने के लिए झीलों से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। इससे नदियां खतरे के निशान को पार कर सकती हैं। खासतौर पर भागीरथी का जलस्तर पांच जुलाई से कुछ दिन के लिए सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। पानी अधिक होने पर मनेरी भाली-प्रथम जल विद्युत परियोजना (तिलोथ) को बंद करना पड़ेगा।
ऐसी स्थिति में परियोजना से 70 क्यूसेक अतिरिक्त पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जाएगा। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति नदियों के किनारे न जाए, न ही मवेशियों को जाने दे।