फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›    wall of bravery will build in all uttarakhand College

कॉलेजों में बनेगी ‘वीरता की दीवार’, जानिए क्या होगा इसमें खास

Sat, 27 May 2017 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 27 May 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
 wall of bravery will build in all uttarakhand College

उत्तराखंड के कॉलेजों में नए सत्र से परमवीर चक्र विजेता सैनिक देशभक्ति के प्रेरणास्त्रोत बनेंगे। केंद्र सरकार के विद्या वीरता अभियान के तहत प्रदेश के सभी विवि व कॉलेजों में ‘वीरता की दीवार’ बनाई जाएगी।

विज्ञापन


सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को उच्च शिक्षा की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दो मई को विद्या वीरता अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत युवाओं में देशभक्ति की भावना बढ़ाने के लिए परमवीर चक्र विजेता सैनिकों को प्रेरणास्त्रोत बनाया जाएगा।
विज्ञापन


देश के सभी 21 परमवीर चक्र विजेता सैनिकों की तस्वीरों से सजी वीरता की दीवार सभी कॉलेज व विश्वविद्यालयों में लगाई जा रही है। शनिवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीरता की दीवार उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में बनाने के निर्देश दिए। यह दीवार 15 गुणा 20 फिट की होगी, जिस पर सभी 21 परमवीर चक्र विजेता सैनिकों के पोट्रेट लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है परमवीर चक्र
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है, जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई थी। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं। इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस हुआ करता था। लेफ्टिनेंट या इससे कमतर पदों के सैन्य कर्मचारी को यह पुरस्कार मिलने पर उन्हें या उनके आश्रितों को नकद राशि या पेंशन देने का भी प्रावधान है।

ये हैं परमवीर चक्र विजेता

 wall of bravery will build in all uttarakhand College

मेजर सोमनार्थ शर्मा : नवंबर 1947
लांस नायक करम सिंह : अक्तूबर 1948
सेकेंड लेफ्टिनेंट राम राघोबाल राणे : अप्रैल 1948
नायक यदुनाथ सिंह : फरवरी 1948
कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह : जुलाई 1948
कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया : दिसंबर 1961
मेजर धन सिंह थापा : अक्तूबर 1962
सूबेदार जोगिंदर सिंह : अक्तूबर 1962
मेजर शैतान सिंह : नवंबर 1962
कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद : सितंबर 1965
लेफ्टिनेंट कर्नल आर्देशिर तारापोर : अक्तूबर 1965
लांस नायक अलबर्ट एक्का : दिसंबर 1971
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों : दिसंबर 1971
लेफ्टिनेंट अरुण क्षेत्रपाल : दिसंबर 1971
मेजर होशियार सिंह : दिसंबर 1971
नायब सूबेदार बन्ना सिंह : जून 1987
मेजर रामास्वामी परमेश्वरन : नवंबर 1987
लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे : जुलाई 1999
ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव : जुलाई 1999
राइफलमैन संजय कुमार : जुलाई 1999
कैप्टन विक्रम बत्रा : जुलाई 1999

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed