हरिद्वार: अतिक्रमण हटाते समय अचानक भरभराकर गिरी दीवार, बाल-बाल बचे एसडीएम
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हरिद्वार में मारवाडी धर्मशाला के सामने अतिक्रमण हटाने के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह दीवार के मलबे की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। इस दौरान कई होटल और धर्मशालाओं के सामने के छज्जे और रेलिंग तोड़ी गई।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह के नेतृत्व में ललतारौ पुल के पास मारवाड़ी धर्मशाला के सामने से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। धर्मशाला के सामने दीवार को गिराने को जेसीबी का पंजा चला तो नीचे खड़े सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह के ऊपर आ गिरी।
गनीमत रही कि दीवार गिरते-गिरते बीच में से दो भागों में बंट गई। कुछ ईंट उनके पैर के बीचोंबीच आकर गिरी। इससे वहां पर भगदड़ मच गई। इस हादसे के बाद टीम ने अतिक्रमण हटाते हुए ललतारौ पुल पर पहुंची तो यहां पर पुल की दीवार के पास लोहे के गार्डर लगाकर बनाई गई दुकानों को ध्वस्त किया।
समय पर नहीं पहुंची नगर निगम की टीम
पुल से आगे व्यापारी नेता कैलाश केशवानी की दुकान के आगे लगी टीन की शो के साथ कई दुकानों के सामने से चिन्हित अतिक्रमण हटाया। जिला अस्पताल के साथ में बनी दुकानों के सामने बने छज्जे को तोड़ा। इस दौरान बिना अनुमति के लंगर चलाने वाले लखनऊ धर्मशाला के मैनेजर रामकुमार गुप्ता पर 2500 रुपये का नकद जुर्माना लगाया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट मनीष ने देखा कि ललतारौ पुल के नीचे होटल व्यवसायी ने दो जनरेटर रखने के साथ अन्य सामान भी रखा हुआ था। जिन्हें जब्त कराने को सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया।
लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी तक नगर निगम का मौजूद नहीं था। उन्होंने अधिकारियों को फोन करते हुए तत्काल आने को कहा। सामान जब्त कराने को सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम के अधिकारियों को फिर से फोन करते हुए न आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। करीब 15 मिनट बाद एसएनए नुपूर वर्मा टीम के साथ पहुंची और सामान को अपने कब्जे में लिया।