उत्तराखंड तक पहुंची व्यापम घोटाले की जांच की आंच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापम घोटाले के तार अब उत्तराखंड के काशीपुर और जसपुर तक पहुंच चुके हैं। एएस कनेश उप पुलिस अधीक्षक एसटीएफ मध्यप्रदेश जहांगीराबाद भोपाल (मध्यप्रदेश) ने समन भेजकर शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने को कहा है। कनेश व्यापम घोटाले के जांच प्रभारी भी हैं।
मंगलवार को व्यापम के डीमेट परीक्षा घोटाले की जांच कर रहे एसटीएफ भोपाल एमपी प्रभारी एएस कनेश ने उप निरीक्षक आरके रघुवंशी को घोटाले की शिकायत करने वालों में से एक अनमोल सारस्वत निवासी आजाद नगर काशीपुर को नोटिस भेजा है।
इसमें कहा गया कि वह 21 अक्तूबर को भोपाल आकर एसटीएफ प्रमुख के सामने अपना पक्ष रखे। व्यापम घोटाले के चर्चा में आने पर काशीपुर निवासी अनमोल सारस्वत ने एसटीएफ मध्यप्रदेश को शिकायत कर कहा था कि इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में काशीपुर की एक छात्रा और एक छात्र से नवंबर 2009 में लाखों रुपये डोनेशन लेकर सीपीएमटी परीक्षा पास किए बिना ही प्रवेश दिया गया था। डोनेशन की यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा जसपुर से अलग-अलग नामों से भेजी गई थी।
काशीपुर और जसपुर से जुड़े हैं घोटाले के तार
अनमोल ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी। पिछले महीने आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालय रुद्रपुर में अनमोल से सुनवाई की। अनमोल के साथ उनके वकील अमरीश अग्रवाल भी थे।
इधर, जसपुर संवाददाता के मुताबिक काशीपुर के दो विद्यार्थियों के मध्यप्रदेश के एक कॉलेज में मेडिकल में प्रवेश दिलाने के लिए 52 लाख रुपये के ड्राफ्ट बैंक ऑफ बड़ौदा से बने थे। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक को सौंपे नोटिस में एक जनवरी 2009 से आज तक खाताधारी शांतनु सारस्वत पुत्र संजीव सारस्वत, देविका सारस्वत पुत्री रवि सारस्वत, संजीव सारस्वत, रवि सारस्वत के खातों की जमा एवं आहरण का विवरण दो दिन के भीतर उनकी मेल आईडी पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एसआई रघुवंशी ने बताया कि वर्ष 2009 में बैंक शाखा से 52 लाख रुपये के 49-49 हजार के ड्राफ्ट मेडिकल कालेज के डीन के नाम अलग-अलग नामों से बनवाए गए थे।