वोटर तो नहीं, 'मुसद्दी' बन गया आम आदमी

अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 27 Jan 2014 10:54 AM IST
voters day problem in haridwar
शनिवार को मतदाता दिवस था। कई दिन से शासन-प्रशासन जोर-शोर से मतदाता बनने के लिए युवाओं का आहवान कर रहा था। कहा गया कि सभी बूथों पर बीएलओ मिलेंगे।

कोई भी आसानी से जाकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराने का फार्म भर सकता है। शनिवार को डीएम सहित जिले के कई अधिकारियों ने मतदाता जागरुकता के नाम पर रैली निकाली। भाषण दिए और अखबारों के लिए फोटो भी खिंचवाए।

ऑफिस-ऑफिस की चर्चा
इन सबको देखकर लगेगा कि जिले में मतदाता बनाने का काम बड़े सिस्टम और सलीके से चला होगा। हकीकत से रुबरु कराने के लिए आपको कुछ पीछे ले चलते हैं। छोटे परदे के चर्चित धारावाहिक ऑफिस-ऑफिस का मुसद्दीलाल आपको याद ही होगा।

कैसे मुसद्दीलाल को सरकारी कर्मचारी ऑफिस के चक्कर कटवाते हैं। शनिवार को मतदाता बनने गए लोगों की हालत भी मुसद्दी जैसी ही हुई। लोग यहां से वहां चक्कर काटते रहे और शाम को नतीजा निकला कि वोट नहीं बन सका। अमर उजाला के संवाददाताओं की टीम भी बिना अखबारी परिचय के वोट बनवाने वालों की लाइन में खड़ी हुई। जो कुछ हुआ-देखा, वह आपके सामने ज्यों का त्यों पेश है।

यहां से वहां जाइए और वहां से घर

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अमर उजाला के संवाददाता शहर से सटे जगजीतपुर में वोट बनवाने के लिए पंचायतघर पहुंचे। बूथ यहीं पर है। यहां पर दो बीएलओ बैठी थी। राजविहार कालोनी की वोट कहां बनेगी, पूछने पर एक बीएलओ ने शालीनता से बताया कि आप शिवडेल पब्लिक स्कूल चले जाइए।

12:40 बजे संवाददाता वहां पहुंचा। बीएलओ स्कूल के अंदर बैठे थे। बाहर से गेट बंद था। बीएलओ तक पहुंचने के लिए पहले सुरक्षागार्ड से अनुमति और फिर एक रजिस्टर में आने का कारण दर्ज कराना पड़ा, तब जाकर बीएलओ तक लोग पहुंच पा रहे थे।

बीएलओ से जाकर राजविहार कालोनी की वोट बनवाने की बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि आप यहां क्यों आ गए। आप नीलेश्वर पब्लिक स्कूल जाइए। आपके क्षेत्र की बीएलओ वहां मिलेगी। 1.00 बजे नीलेश्वर पब्लिक स्कूल पहुंचे तो यहां पर एकमात्र बीएलओ बैठी थी। उन्होंने साफ कहा कि वह राजविहार की बीएलओ नहीं हैं। कौन है पूछा तो उत्तर दिया कि उन्हें नहीं पता।

यहां से एसडीएम सदर सोहन सिंह को फोन मिलाया गया तो उन्होंने नहीं उठाया। एडीएम प्रशासन जीवन सिंह नगन्याल को फोन कर परेशानी बताई तो उन्होंने कहा कि एसडीएम से बात कर लो। जब उन्हें बताया कि एसडीएम ने फोन नहीं उठाया तो बोले की तहसीलदार को मौके पर भेज रहे हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद कोई नहीं आया। इसके बाद केवल घर जाने का रास्ता बचा था।

जगजीतपुर में लोगों ने खूब झेली दिक्कत
जगजीतपुर क्षेत्र में वोट बनवाने आए लोगों ने खूब दिक्कत झेली। नीलेश्वर पब्लिक स्कूल में मिले डीएस नेगी, एमएम तिवारी, अमन शर्मा आदि ने बताया कि उन्हें यहां से वहां दौड़ाया जा रहा है। अब नीलेश्वर पब्लिक स्कूल आए तो बीएलओ का कहना है कि फार्म नहीं है। यहां पर अकेली बीएलओ होने के चलते भी परेशानी आ रही थी।

दूसरे बीएलओ कहां थे, कोई बताने को तैयार नहीं था। हिंदू जागरण मंच नेता अशोक शर्मा ने एसडीएम सदर सोहन सिंह को फोन मिलाया। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया तो फिर फोन पर तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल से बात की। तहसीलदार की बात बीएलओ से भी कराई गई लेकिन कोई हल नहीं निकला।

नेताजी ने दी दस रुपये का तेल बचाने की सलाह
दोपहर करीब पौने एक बजे अमर उजाला संवाददाता ने शिवडेल पब्लिक स्कूल में बैठे बीएलओ से मतदाता बनने का फार्म मांगा तो बीएलओ कहा कि आपको फोटोकापी कराकर लानी पड़ेगी।

संवाददाता ने कहा कि फार्म तो सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं तो वहां पर बैठकर बीएलओ के साथ गप्पे हांक रहे एक नेताजी बीच में ही बोल पडे़। उन्होंने कहा कि आपको फार्म लेने तहसील स्वयं जाना पड़ेगा। यदि बाइक का दस रुपये का तेल बचाना चाहते हो तो यहां से फार्म लेकर फोटोकापी करा लाओ।

शहर में वोटर बनवाने वालों को नहीं मिले फार्म

अमर उजाला के संवाददाता सुबह 11 बजे कनखल के दादूबाग स्थित बूथ पर पहुंचे। बूथ पर वोट बनवाने के लिए करीब 50 आवेदक आए थे लेकिन मौके पर मौजूद एकमात्र बीएलओ के पास केवल चार फार्म थे।

बीएलओ परेशान थे कि यह चार फार्म भीड़ में किसको दें और किसको नहीं। आम आदमी के रूप में अमर उजाला संवाददाता ने एसडीएम सदर सोहन सिंह के मोबाइल पर फोन किया। एसडीएम ने कहा कि बीएलओ से बात कराओ। एसडीएम ने बीएलओ से बात की तो बीएलओ ने साफ कह दिया कि तहसील से चार ही फार्म मिले हैं।

इसके बाद फोन कट गया। दोपहर 12 बजे भी यहां फार्म नहीं पहुंचे थे। लोग निराश होकर वापस लौट रहे थे। लगभग ऐसी ही स्थिति सुबह दस बजे निर्धन निकेतन खड़खड़ी के बूथ पर थी। यहां पर क्षेत्रीय पार्षद लखनलाल चौहान ने अपने पैसे से फार्म की 60 फोटोकापी कराई। सप्तऋषि के कई बूथों पर लोगों ने बीएलओ नहीं मिलने की शिकायत की।

एसएमजेएन कालेज में बनाए गए बूथ पर 1:45 बजे एक बुजुर्ग बेहोश हो गए। उनके साथ आए अन्य लोगों ने उन्हें उनके घर तक पहुंचाया। करीब दो बजे एसएमजेएन कालेज के बूथ पर भी फार्म नहीं थे।

कुछ लोग फार्म की फोटो कापी कराकर फार्म भर रहे थे तो कुछ निराश ही वापस लौट रहे थे। अधिकतर बीएलओ ने एक ही बात बताई कि प्रशासन की ओर से उन्हें दस-बीस फार्म ही उपलब्ध कराए गए थे।

देहात में लोगों को पता ही नहीं चला वोट बनेंगे
बहादराबाद क्षेत्र के अहमदपुर ग्रंट गांव में सुबह 10:39 बजे अमर उजाला संवाददाता पहुंचा। यहां पर बीएलओ उपस्थित थे लेकिन वोट बनवाने वाला कोई नहीं था। गांव में ग्रामीणों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि आज वोट बनने की कोई जानकारी किसी सरकारी कारिंदे की ओर से नहीं दी गई।

11:35 बजे अलीपुर गांव में भी लोगों ने ऐसी ही बात बताई। धनौरी क्षेत्र के कोटा मुरादनगर में दोपहर 12 बजे कई लोग पुराना कार्ड खाने पर नया बनवाने आए थे लेकिन उन्हें संबंधित फार्म नहीं मिल पाया।

12:30 बजे जसवावाला में पहुंचे तो पता चला कि बीएलओ के पास फार्म कम पड़ गए हैं। तेलीवाला में वोटर लिस्ट में लोगों को नाम नहीं मिलने से दिक्कत हो रही थी।

डीएम बोली- दो दिन और चलेगा अभियान
अमर उजाला की ओर से शाम को जिलाधिकारी डा. निधि पांडे को पूरी अव्यवस्थाओं की बाबत बताया गया। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने वोट बनाने का अभियान और दो दिन चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 27 एवं 28 जनवरी को भी सभी बूथों पर बीएलओ वोट बनाएंगे।

इस बाबत संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फार्म की कमी नहीं रहेगी। फार्म कम होंगे तो फोटोकापी कराकर बीएलओ को प्रचुर फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे।

रिपोर्ट:- डॉ. योगेश योगी, रतनमणी डोभाल, योगेंद्र सिंह, मुनीश रियाल, धर्मेंद्र भट्ट, विनय सैनी, सेवाराम और अजब सिंह।

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