कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब नहीं मिलेगा वीआईपी ट्रीटमेंट, खुद ही करनी होगी बुकिंग और जिप्सी की सवारी
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कॉर्बेट पार्क में बिजरानी रेंज खुलने के साथ ही पर्यटन सीजन की शुरूआत हो जाएगी। इस वर्ष वीआईपी को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा और ना ही उनके लिए अलग से कोई व्यवस्था की जाएगी। अब उन्हें भी आम पर्यटकों की तरह ही बुकिंग और जिप्सी की सवारी करनी होगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में राज्य अतिथि सेवा नियमावली के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, वित्त आयोग के अध्यक्ष, तीनों सेनाओं के प्रमुख, कैबिनेट सचिव को वीआईपी सुविधा मिलती है।
अक्सर देखा गया है कि कॉर्बेट प्रशासन के पास अधिकारियों, वीआईपी की ओर से अपनों के लिए सफारी, ठहराने और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखने की सिफारिशें आती हैं। यह विशुद्ध रूप से निजी गतिविधि है, इसमें सरकारी जिम्मेदारी का लेनादेना नहीं है।
जून में सीटीआर के कार्यवाहक निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने वीआईपी सिफारिशों को खत्म कर दिया था और संस्तुति कर पीसीसीएफ को पत्र भेजा था। अब पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है और इस सीजन से वीआईपी सिफारिश को खारिज किया जाएगा। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि वीआईपी सिफारिशें नहीं मानी जाएंगी। पहले भी कॉर्बेट में वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता था और आगे भी नहीं दिया जाएगा।