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पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से हिंसा के विरोध देहरादून में डॉक्टर आज हड़ताल पर

Mon, 17 Jun 2019 09:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 17 Jun 2019 09:20 AM IST
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Violence against woman doctor in West Bengal dehradun doctor protest
- फोटो : अमर उजाला

पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से हिंसा के विरोध में जिले के डॉक्टर आज से 24 घंटे की हड़ताल पर हैं। इस दौरान जनपद के लगभग 600 छोटे बड़े निजी नर्सिंग होम सोमवार को सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक बंद रहेंगे। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आह्वान की जाने वाली इस हड़ताल में सरकारी डॉक्टर भी आंशिक रूप से साथ रहेंगे। सरकारी डॉक्टर सुबह आठ बजे से 10 बजे तक ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। 

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन काफी लंबे समय से डॉक्टरों की सुरक्षा के संबंध में एक कानून की मांग कर रहा है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से हुई हिंसा के बाद एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने देशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी क्रम में तीन दिन पहले देहरादून में भी डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया था। इसके बाद अगली रणनीति के तहत सोमवार को बड़ा आंदोलन किया जाना है।  

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2000 डॉक्टर 24 घंटे के लिए हड़ताल पर

आईएमए देहरादून शाखा के अध्यक्ष डॉ. संजय गोयल ने बताया कि जिले में लगभग 2000 डॉक्टरों ने 24 घंटे के लिए हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इसके साथ ही सोमवार को विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देश में डॉक्टरों के लिए एक कानून होना चाहिए, जो डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करा सके।

वर्तमान में बहुत से कानून हैं, लेकिन उनमें डॉक्टरों के लिए विशेषकर कोई कानून नहीं बना हुआ है। इसके अलावा यदि हंगामा, तोड़फोड़ और अभद्रता आदि डॉक्टरों के साथ होती है तो उसमें वे खुद ही पीछे हट जाते हैं कि हंगामा करने वाले कहीं न कहीं बीमार के साथी हैं। जबकि, अब यह बहुत ज्यादा हो रहा है। देशभर में डॉक्टरों के साथ घटनाएं बढ़ रहीं हैं। 

हड़ताल के बाद तेज हो सकता है आंदोलन 

24 घंटे की हड़ताल के दौरान डॉक्टर अगले आंदोलन की रणनीति भी तय करेंगे। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि सरकारी डॉक्टर अभी दो घंटे के कार्य बहिष्कार पर रहेंगे, लेकिन सोमवार को बैठक के बाद यह तय किया जाएगा कि आंदोलन का अगला स्वरूप क्या होगा? आंदोलन उग्र भी हो सकता है। 

इमरजेंसी में देखे जाएंगे सब जगह मरीज 
हड़ताल के दौरान किसी भी अस्पताल में किसी इमरजेंसी के मरीज को इलाज से इंकार नहीं किया जाएगा। डॉक्टर संजय गोयल ने बताया कि इमरजेंसी में मसलन, दुर्घटना, गंभीर बीमार आदि मरीजों को तत्काल रूप से भर्ती कर इलाज शुरू किया जाएगा। ताकि, लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। नर्सिंग होम में 24 घंटे तक केवल ओपीडी ही बंद रहेगी। 

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हड़ताल में खुले रहेंगे मल्टिस्पेशियलिटी अस्पताल 

डॉक्टरों की हड़ताल के बीच लोगों के लिए कुछ राहत की खबर है। शहर के कुछ बड़े अस्पतालों ने आईएमए की इस हड़ताल में शामिल न होने का निर्णय लिया है। इनमें शहर के ज्यादातर मल्टिस्पेशियलिटी अस्पताल, जिनमें ट्रस्ट और कुछ ब्रांडेड अस्पताल भी शामिल हैं। 

गौरतलब है कि शहर के ये अस्पताल हर बार की तरह इस बार भी आईएमए की इस हड़ताल से दूरी बनाए रखेंगे। यह कुछ हद तक लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है। इनमें श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को हड़ताल नहीं रहेगी। पिछले दिनों भी अस्पताल के स्टाफ ने आंदोलन में भाग नहीं लिया था। सोमवार की हड़ताल को लेकर भी कोई योजना नहीं है।

इसी तरह मैक्स अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी शिवराज सिंह ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने पिछले दिनों काली पट्टी बांधकर भी विरोध नहीं जताया था। सोमवार के आंदोलन के लिए भी कोई ऐसे दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। अस्पताल में हड़ताल नहीं रहेगी। 

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