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Uttarakhand: स्पीकर ऋतु खंडूड़ी के समर्थन में खुलकर आए विनोद चमोली, बोले- बेहद दुर्भाग्यपूर्ण योगदान को नकारना
Wed, 26 Feb 2025 03:23 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 26 Feb 2025 03:23 PM IST
सार
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि राज्य की बदल रही डेमोग्राफी तथा संस्कृति के सरंक्षण के लिए धामी सरकार निर्णय ले रही है और कांग्रेस उस पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा होती है। चूंकि सदन के सदस्य के नाते वहां हमारी कुछ मर्यादा होती है।
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विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधानसभा में कांग्रेस विधायक को बोलने से रोकने को लेकर सोशल मीडिया में कुछ लोगों के निशाने पर आईं स्पीकर ऋतु भूषण खंडूड़ी के समर्थन में भाजपा विधायक विनोद चमोली खुलकर सामने आ गए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होता है और स्पीकर ने भी वही किया। लेकिन जिस तरह क्षेत्रवाद की आड़ में गैरजिम्मेदारी से उनके योगदान को नकारा जा रहा है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चमोली ने कहा कि कांग्रेस को जन हित के हर मुद्दे से समस्या है। राज्य की बदल रही डेमोग्राफी तथा संस्कृति के सरंक्षण के लिए धामी सरकार निर्णय ले रही है और कांग्रेस उस पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा होती है। चूंकि सदन के सदस्य के नाते वहां हमारी कुछ मर्यादा होती है।
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ऐसे मे सदन के अंदर सांविधानिक परंपराओं, मर्यादा और अनुशासन का पालन कराना विधानसभा अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने पद के दायित्व निर्वहन पर वहां जो किया वह सर्वथा उचित है और उसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए। उनको गलत तरीके से प्रस्तुत कर टारगेट करना सही नहीं है।
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एक कर्तव्य से जुड़े बयान पर किसी का गलत मूल्यांकन करना उचित नहीं है। चमोली ने कहा कि सदन को व्यवस्थित करने और संतुलन बनाने का काम उनका होता है। अध्यक्ष की कुर्सी पर जो बैठी हैं, वह भी हमारी अपनी बेटी है। उनके पिता ने सेना और राजनीति में देश और उत्तराखंड की सेवा की है। उनके पति जो पहाड़ के मूल निवासी हैं। उन्होंने कोरोनाकाल मे बतौर शीर्ष केंद्रीय अधिकारी आम लोगों की जान बचाने का काम किया।